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बाल गीत : चींटी की चिट्ठी

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
चींटी के घर चिट्ठी आई,
हाथी से पढ़वाई।
पापाजी बीमार बहुत हैं,
सुनकर वह घबराई।
 
गई गांव तो पापाजी को,
हंसते-गाते पाया।
गलत सूचना थी हाथी की,
उस पर गुस्सा आया।
 
अब जब भी हाथी मिलता है,
चींटी चिल्लाती है।
अभी सूंड में घुसती तेरी,
कहकर धमकाती है।
 

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