Hanuman Chalisa

बाल गीत : बनकर फूल हमें खिलना है...

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
आसमान में उड़े बहुत हैं,
सागर तल से जुड़े बहुत हैं।
किंतु समय अब फिर आया है,
हमको धरती चलना है।
 
सोने जैसी खूब चमक है,
बिजली-सी हर और दमक है।
किंतु बड़ों ने समझाया है,
भट्टी में तपकर गलना है।
 
फैले चारों ओर बहुत हैं,
तन-मन से पर सब आहत हैं।
बिखर-बिखरकर टूट रहे हैं,
सांचे में गढ़कर ढलना है।
 
बोतल वाला दूध पिलाया,
चाउमिन पिज्जा खिलवाया।
यह सब कुछ अब नहीं सुहाता,
मां के आंचल में छुपना है।
 
नकली ज्यादा खिले-खिले हैं,
असली तो मुरझाए पड़े हैं।
हरे-भरे पौधों पर लगकर,
बनकर फूल हमें खिलना है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सर्दियों में सेहत और स्वाद का खजाना है मक्के की राब, पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानें रेसिपी

सर्दियों में रोजाना पिएं ये इम्यूनिटी बूस्टर चाय, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Winter Superfood: सर्दी का सुपरफूड: सरसों का साग और मक्के की रोटी, जानें 7 सेहत के फायदे

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

सभी देखें

नवीनतम

Vivekananda Quotes: दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार

Makar Sankranti Essay: मकर संक्रांति पर्व पर रोचक हिन्दी निबंध

winter drinks: सर्दी जुकाम से बचने के लिए पिएं 3 में से एक पेय

National Youth Day Facts: राष्ट्रीय युवा दिवस: पढ़ें 10 रोचक तथ्य

दूषित पानी से मासूम आव्‍यान की मौत के बाद मां साधना भी हॉस्पिटल में भर्ती, जानिए कैसी है हालत, क्या कहा डॉक्टरों ने?

अगला लेख