Dharma Sangrah

फनी बाल कविता : दादाजी अब हंस देते

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
खीर पुड़ी के गए जमाने,
अब दिन पिज्जा बर्गर के।
लगे बताने दादाजी को,
बच्चे सारे ही घर के।

 
भजिए और मुंगेडे हमको,
बिल्कुल नहीं सुहाते हैं।
हमको तो बस चाऊमीन,
नूडल्स गरम ही भाते हैं।
 
हम बच्चों की फरमाइश पर,
दादाजी अब हंस देते।
पिज्जा बर्गर चाऊमीन झट,
ऑन लाइन बुक कर देते।

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