रेल चली भई रेल चली, धुक्कम-पुक्कम रेल चली। टीना, मीना, चुन्नू, मुन्नू, डिब्बे बनकर आएं। मोहन कक्कू इंजिन बनकर, सीटी तेज बजाएं। डीजल से फुल टैंक कराएं, इंजन न हो फेल, चली। गार्ड बनेंगे झल्लू भाई, हरी लाल ले झंडी। छुक-छुक-छुक रेल चलेगी, पटना, कटक, भिवंडी। पैसिंजर बन...