बाल कविता : अम्मा लो बात करो फोन से...

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
टीचरजी होल्ड किए,
बात उन्हें करना है।
लगता है मेरा ही,
कोई सा उलाहना है,
न मालूम थोपेंगी,
काम मुझे कौन से।
 
टीचर ने बोला है,
मम्मी से कहलाना।
मैं कैसी शिक्षक हूं,
उनका मत भिजवाना।
वेरी गुड लिखना मां,
अच्छे से पेन से।
 
सच में मां टीचरजी,
बहुत नेक व सच्ची हैं,
बाहर से कर्कश हैं,
भीतर से अच्छी हैं
उनके कारण ही मैं,
पढ़ पाती चैन से।

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