shiv chalisa

ग्रीष्म ऋतु पर मनोरंजक कविता

Webdunia
- राजेन्द्र देवधरे 'दर्पण'
 
राम-श्याम
सुबहोशाम
खाते रहते
मीठा आम।
 
बाल-पाल
गए चौपाल
नहीं मिला
तरबूजा लाल।
 
तू जा-तू जा
करती पूजा
खुद ले आई
झट खरबूजा।
 
रानी-बानी
दोऊ सयानी
देती सबको
ठंडा पानी
 
साभार- देवपुत्र

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मियों में आइस एप्पल खाने के फायदे, जानें क्यों कहलाता है सुपरफ्रूट

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

गर्मी के दिनों में फैशन में हैं यह कपड़े, आप भी ट्राय करना ना भूलें

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

कैंसर शरीर में कैसे फैलता है? जर्मन रिसर्च टीम ने किया नया खुलासा

सभी देखें

नवीनतम

चहक रहा है चूल्हा

परिंदे नहीं जानते कि उनकी मौत किसी सरकारी फाइल में दर्ज नहीं होगी

नव संवत्सरः कृषि, जल और विकास के रोड मैप का संकल्प

चैत्र नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और चेटीचंड पर्व पर बेहतरीन हिन्दी निबंध

गुड़ीपड़वा, नवरात्रि और चेटीचंड त्योहार के 10 प्रमुख व्यंजन

अगला लेख