khatu shyam baba

लाल किताब के अनुसार गंभीर बीमारी से छुटकारा पाने के 15 उपाय

अनिरुद्ध जोशी
कई बार ऐसा होता है कि रोग तो कोई है ही नहीं फिर भी व्यक्ति बीमार सा ही रहता है। जैसे पेट में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है तब भी पेट दुखता रहता है। इसके अलावा कई बार यह भी होता है कि लोग किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। कुछ लोग अस्पताल के चक्कर काटते काटते जिंदगी गुजर जाती है पर रोग समाप्त नहीं होता है। ऐसे में लाल किताब के कुछ उपाय आजमा सकते हैं परंतु शर्तों के साथ।
 
 
कहते हैं कि लाल किताब के उपाय तब असर करते हैं जबकि आप शनि, राहु और केतु के कोई मंदे कार्य नहीं करते हो या आपने अपने कर्मों को शुद्ध कर रखा हो। इसके अलावा यदि आप योग एवं आयुर्वेद के नियमों के अनुसार अपना जीवन पालन करते हैं तो भी आप रोग से छुटकारा पा सकते हैं या आपको किसी भी प्रकार का कोई रोग नहीं होगा। खैर आप जानिए लाल किताब के अनुसार किसी भी गंभीर रोग को ठीक करने के उपाय।
 
 
1. सिरहाने कुछ रुपए-पैसे रख कर प्रात: सफाईकर्मी को दे दें।
2. प्रति माह गाय, कौए और कुत्तों को मीठी रोटियां खिलाएं।
3. पका हुआ सीता फल कभी-कभी मंदिर में रख आएं।
4. रक्तचाप, घबराहट या अनावश्यक भय के लिए रात को सोते समय दूध या पानी भरा बर्तन सिरहाने रख कर सोएं और अगले दिन कीकर की जड़ में सारा जल डाल दें या देहली के बाहर ढोल दें।
5. कान की बीमारी के लिए काले-सफेद तिल सफेद और काले कपड़े में बांधकर जंगल या किसी सुनसान जगह पर गाड़कर आ जाएं।
 
6. जब भी श्मशान या कब्रिस्तान से गुजरना तो तांबे के सिक्के उक्त स्थान पर डालने से दैवीय सहायता प्राप्त होगी।
7. यदि आंखों में पीड़ा हो तो शनिवार को चार सूखे नारियल या खोटे सिक्के नदी में प्रवाहित करें।
8. शुगर, जोड़ों का दर्द, मूत्र रोग, रीढ़ की हड्डी में दर्द के लिए काले कुत्ते की सेवा करें।
9. बुखार न उतरें तो तीन दिन लगातार गुड़ और जौ सूर्यास्त से पूर्व मंदिर में रख आएं।
10. नित्य हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमानजी को गुड़ चने चढ़ाएं और हो सके तो चौला चढ़ाएं।
 
11. शनि संबंधी रोग से बचने के लिए शनिवार को छाया दान करें।
12. मंगल या शनिवार को पानीदार एक नारियल लें और उसे अपने ऊपर से 21 बार वारें। वारने के बाद उसे किसी देवस्थान पर जाकर अग्नि में जला दें। ऐसा परिवार के जिस सदस्य पर संकट हो उसके ऊपर से वारें।
13. दोनों कान छिदवाकर उसमें सोने का तार 43 दिन तक डाल कर रखें। इससे राहु और केतु संबंधी दोष व रोग दूर होते हैं।
14.काला और सफेद दोनों रंग दोरंगी कंबल लेकर उसको 21 बार खुद पर से वारकर उसे किसी मंदिर में या गरीब को दान कर दें। यह उपाय राहु और केतु के रोग दूर करता है।
15. मंगलवार को सफेद सुरमा आंखों में लगाए, शनिवार को नाभि पर घी लगाएं, मंगलवार को कीकर या नीम की दातुन करें और शुक्रवार को दही से स्नान करें।
 
चेतावनी : उपरोक्त उपाय जानकारी हेतु हैं। किसी लाल किताब के विशेषज्ञ से अपनी कुंडली की जांच करवाकर ही उपाय कर सकते हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक की पौराणिक कथा: क्यों माने जाते हैं ये 8 दिन अशुभ?

Phalguna month Hindu calendar 2026: फाल्गुन शुक्ल पक्ष में पड़ेंगे ये खास त्योहार

2020 में लगे थे 6 ग्रहण, अब फिर आने वाला है ऐसा दौर? जानें क्या सच में होगा बड़ा बदलाव

Success in Exams: एक्जाम में पाना है अच्छी सक्सेस, तो करें ये 5 खास उपाय

Angarak Yog 2026: कुंभ राशि में मंगल से बना अंगारक योग, 4 राशियों के लिए शुरू होगा राजयोग का सुनहरा दौर

सभी देखें

नवीनतम

24 February Birthday: आपको 24 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 24 फरवरी 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

क्या करें जतन कि शुद्ध हो लगन, पढ़ें विवाह मुहूर्त के 10 दोषों संबंधी विशेष जानकारी

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Dhulandi 2026: धुलेंडी के दिन 5 कार्य जरूर करें तो होगा बड़ा फायदा

अगला लेख