Dharma Sangrah

घर के पास नीम का पेड़ लगाने के 5 फायदे

अनिरुद्ध जोशी
मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020 (14:15 IST)
नीम के पेड़ के यूं तो सैंकड़ों फायदे हैं लेकिन यहां जानिए ज्योतिष और लाल किताब के अनुसार बताए गए 5 फायदे।


1.आप अपने घर की दक्षिण दिशा में नीम का एक पेड़ लगाएं और उसकी देखरेख करें जब तक की वह अच्छे से चेत नहीं जाता या बड़ा नहीं हो जाता है। यह पेड़ साक्षात मंगलदेव हैं। इस पेड़ की सेवा करने से आपके जीवन में कभी भी अमंगल नहीं होगा।
 
 
2.नीम का पेड़ लगाने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता है। जिस व्यक्ति को संकटों से मुक्ति पाना और निरोगी रहना हो उसे घर के दक्षिण में नीम का वृक्ष लगाना चाहिए। नीम के वृक्ष को वायव्य कोण में लगाना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है।
 
 
3.यदि आपका जन्म उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ है या आपकी राशि मकर या कुंभ राशि है तो नीम का पेड़ लगाने बहुत ही शुभफलदायी होगा।
 
 
4.घर के पास नीम का पेड़ लगाने से हनुमानजी की भी कृपा बनी रहती है।
 
 
5.ज्योतिष में कहीं कहीं नीम का संबंध शनि और कहीं कहीं केतु से जोड़ा गया है। इसलिए दोनों ही ग्रहों की शांति हेतु उचित दिशा में नीम का पेड़ लगाया जा सकता है।
 
 
अन्य फायदे : देवी और शक्ति की उपासना में नीम का प्रयोग किया जाता है। नीम की लकड़ी से हवन करने से शनि की शांति होती है। इसके पत्तों को जल में डालकर स्नान करने से केतु संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। नीम की दातुन करने से शनि और मंगल दोष समाप्त होता है साथ ही दातों के किड़े भी मारे जाते हैं। नीम की लड़की के बने पलंग पर सोने से त्वचा रोग दूर होते हैं। नीम के तेल और छाल के प्रयोग से कुष्ठ रोग दूर होता है। नीम की लड़की की माला धारण करने से शनि की पीड़ा समाप्त हो जाती है। नीम के पत्तों का वन्दनवार लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा प्रवेश नहीं करती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

मकर राशि में मंगलादित्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

सभी देखें

नवीनतम

Phulera Dooj 2026: फुलैरा दूज के दिन क्या करते हैं क्या है इसका महत्व और पूजा विधि

Partial Solar Eclipse: कल होगा आंशिक सूर्य ग्रहण, जानिए कब से कब तक रहेगा

फाल्गुन मास की अमावस्या कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए मुहूर्त और करें उपाय

कुंभ राशि में मंगल और राहु से बनेगा अंगारक योग, इन 5 राशियों के लिए अग्निपरीक्षा का समय

सूर्य ग्रहण के समय इन 7 राशियों पर मंडराएगा खतरा, भूलकर भी न करें ये गलती

अगला लेख