Dharma Sangrah

IMF ने कहा, Corona से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारत को अधिक तेज वृद्धि दर्ज करनी होगी

Webdunia
शनिवार, 10 अप्रैल 2021 (14:40 IST)
वॉशिंगटन। कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में आने वाले गिरावट की भरपाई के लिए भारत को अधिक तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज करनी होगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने यह राय जताई है। चालू वर्ष में भारत की वृद्धि दर प्रभावशाली 12.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आईएमएफस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में 8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट से उबरने के लिए भारत को कहीं अधिक तेज वृद्धि दर्ज करने की जरूरत होगी।

ALSO READ: दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन की कमी, 60 देशों में टीकाकरण पर पड़ सकता है असर
 
आईएमएफ की उप-मुख्य अर्थशास्त्री पेट्या कोवा ब्रुक्स ने साक्षात्कार में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि जब भारत की बात आती है, तो पिछले वित्त वर्ष में उत्पादन में बड़ी गिरावट आई थी। जैसा आप बता रहे हैं कि यह गिरावट 8 प्रतिशत है। ब्रुक्स ने कहा कि हम इस वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 12.5 की अनुमानित वृद्धि के अनुमान को देखकर बहुत खुश हैं और हम क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) सहित उच्च आवृत्ति संकेतक भी देख रहे हैं। इनसे पता चलता है कि इस साल की पहली तिमाही में सतत सुधार जारी है।
 
ब्रुक्स ने कहा कि महामारी के नए प्रकार के बीच स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन से सुधार के रास्ते में कुछ जोखिम है। उन्होंने कहा कि जहां तक पुनरोद्धार की बात है, तो हम यह तुलना करते हैं कि यदि संकट नहीं होता, तो 2024 में उत्पादन का स्तर क्या रहता। फिर हम मौजूदा वृद्धि के रुख को देखते हैं, तो यह अंतर काफी बड़ा नजर आता है।

ALSO READ: तेलंगाना में बढ़ा कोरोनावायरस संक्रमण, करीब 3000 नए मामले
 
उन्होंने कहा कि 8 प्रतिशत का यह अंतर पूरी दुनिया की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कहीं बड़ा है। ब्रुक्स ने कहा कि पूरी दुनिया के लिए यह अंतर करीब 3 प्रतिशत है। आईएमएफ की अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार ने कोविड-19 संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकर ने नीतिगत मोर्चे पर पहल की है। राजकोषीय समर्थन दिया, मौद्रिक रुख को नरम किया है, तरलता के लिए कदम उठाए हैं और नियामकीय उपाय भी किए हैं।

ALSO READ: अप्रैल में घातक हुआ कोरोना, 10 दिन में 10 लाख से ज्यादा संक्रमित, 5968 की मौत


उन्होंने कहा कि जरूरत समन्वित नीतिगत प्रक्रिया की है। इसी के जरिए अर्थव्यवस्था को दीर्घावधि के नुकसान से बचाया जा सकता है। ब्रुक्स ने कहा कि छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों तथा कमजोर परिवारों को मदद उपलब्ध कराना सबसे महत्वपूर्ण ह्रै। उन्होंने कहा कि आईएमएफ भारत द्वारा बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत करता है। बजट में स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर खर्च पर जोर दिया गया है, जो अच्छा है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

मैं सोफी हूं... AI टीचर, मुझे बुलंदशहर के आदित्य ने बनाया है

दिल्ली विस्फोट, शाहीन के हॉस्टल रूम से मिले 18 लाख, टेरर फंडिंग का शक

कुत्‍तों के खिलाफ बर्बरता से देशभर में हजारों स्‍टूडेंट में आक्रोश

ब्राहमण बेटियों पर विवादित बयान देने वाले IAS संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नरोत्तम मिश्रा का अल्टीमेटम

अब यूपी में नहीं होती गुंडागर्दी, नहीं चलता माफियाराज : योगी

सभी देखें

नवीनतम

LIVE: समुद्री तूफान दितवाह का असर, मौसम विभाग ने अगले 3 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

बिना चिंता कराएं इलाज, सरकार करेगी भरपूर आर्थिक मदद : योगी

मुश्किल में सोनिया और राहुल गांधी, नेशनल हेराल्ड केस में दर्ज हुई नई FIR

दिल्ली के संगम विहार इलाके में भीषण आग, 3 लोगों की मौत, कई घायल

SIR के काम में लगे BLO और सुपरवाइजर का मानदेय डबल हुआ, जानिए अब कितनी मिलेगी राशि

अगला लेख