Hanuman Chalisa

वोडाफोन-आइडिया को रिकॉर्ड 73 हजार 878 करोड़ का घाटा

Webdunia
बुधवार, 1 जुलाई 2020 (14:22 IST)
नई दिल्ली। देश की दूरसंचार क्षेत्र की दूसरी बड़ी कंपनी वोडाफोन-आइडिया ने भारतीय कंपनी जगत के इतिहास में सबसे अधिक 73878.1 करोड़ रुपए घाटे का रिकॉर्ड बनाया है।
 
कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजारों को 2019-20 के भेजे परिणाम में इसकी जानकारी दी है। यह किसी भी भारतीय कंपनी को एक वित्तीय वर्ष में अब तक का सर्वाधिक घाटा है।
 
वोडाफोन-आइडिया ने इतनी बड़ी राशि के घाटे का कारण उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सांविधिक बकाए का प्रावधान करने को बताया है। उच्चतम न्यायालय के आदेश में सांविधिक बकाए की गणना में गैर-दूरसंचार आय को भी शामिल किया जाना था, जिसके आधार पर कंपनी को 51,400 करोड़ रुपए सरकार को चुकाने हैं।
 
कंपनी का मार्च -2020 को समाप्त तिमाही में शुद्ध घाटा 11,643.5 करोड़ रुपए रहा। गत वित्त वर्ष में यह इस अवधि में 4,881.9 करोड़ रुपए था। मार्च 2020 तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 11,754.2 करोड़ रुपए रही। वोडाफोन आइडिया का वित्त वर्ष 2018-19 में घाटा 14,603.9 करोड़ रुपए रहा था। (वार्ता) 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Cold Blob क्या है, क्या एल नीनो के बीच नया खतरा, क्यों बदल सकता है भारत के मानसून का मिजाज

तुलसी का बड़ा धमाका, US की पूर्व इंटेलिजेंस चीफ गबार्ड ने सार्वजनिक किए गुप्त दस्तावेज, Corona पर खुलासे से पूरी दुनिया में हड़कंप

Operation CyHawk : 700 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़! 916 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 21 राज्यों में दिल्ली पुलिस की मेगा रेड

Telegram vs WhatsApp : कौन-सा मैसेजिंग ऐप है बेहतर और दोनों में क्या है अंतर?

इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्‍शन?

सभी देखें

नवीनतम

CM डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को दी बड़ी सौगात, सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों की सौगात से मिलेगी नई रफ्तार

पार्टी में टूट के बीच उद्धव ठाकरे ने की इस्तीफे की पेशकश, बोले- मैं पद छोड़ने को तैयार, किसी को भी बना दो शिवसेना अध्यक्ष

योग में सिर्फ आसन नहीं, सम्मान और कृतज्ञता भी जरूरी, श्रीश्री रविशंकर ने बताया साधना का असली मंत्र

उत्‍तर प्रदेश में अब तक 2.99 करोड़ से ज्‍यादा नए ड्राइविंग लाइसेंस जारी

भ्रष्टाचार पर CM धामी का बड़ा प्रहार, हरिद्वार भूमि खरीद मामले में बड़े अफसरों पर गिरी गाज

अगला लेख