Hanuman Chalisa

जियो 700 मेगाहर्ट्ज बैंड स्पेक्ट्रम खरीदने वाला अकेला ऑपरेटर, 5जी के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

Webdunia
मंगलवार, 2 अगस्त 2022 (13:17 IST)
नई दिल्ली। 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के साथ ही भारत में 5जी सर्विस का रास्ता साफ हो गया है। सभी 22 टेलीकॉम सर्किल्स में प्रीमियम 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में 5जी स्पेक्ट्रम खरीदने वाला जियो अकेला ऑपरेटर है। 5जी के लिए बेहतरीन माने जाने वाले इस बैंड पर सभी ऑपरेटर्स की नजर थी। पर इस प्रीमियम 700 मेगाहर्ट्ज बैंड को अपने नाम कर, जियो ने 5जी की दौड़ में शुरूआती बढ़त हासिल कर ली है।
 
दुनिया भर में 700 मेगाहर्ट्ज बैंड को 5जी के लिए प्रमुख बैंड की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां तक कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने इसे 5जी सर्विस के लिए ‘प्रीमियम बैंड’ घोषित किया हुआ है। दुनिया भर में इस बैंड के लोकप्रिय होने की कई वजह हैं।
 
टेलीकॉम सेक्टर पर नजर रखने वाले रोहन धमीजा, 700 मेगाहर्टज की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसकी बेहतरी इनडोर व आउटडोर कवरेज को मानते हैं। लो फ्रीक्वेंसी बैंड होने के कारण इसके सिगनल इमारतों के कहीं भीतर तक प्रवेश कर सकते हैं यानी इनडोर कवेरज के मामले में यह लाजवाब है। इसलिए 700 मेगाहर्ट्ज बैंड को घनी आबादी के क्षेत्रों और भारी डेटा खपत वाले इलाकों के लिए आदर्श माना जाता है। 
 
दूसरी वजह है इसकी लॉन्ग आउटडोर कवरेज। 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का टावर करीब 10 किलोमीटर तक कवरेज दे सकता है। इसकी कवरेज के कारण ऑपरेटर को कम टावर लगाने पड़ते हैं, ऑपरेटिंग कॉस्ट कम आती है। इसलिए कीमती होने के बावजूद यह बैंड किफायती 5जी सेवाओं के लिए मुफीद है। 
 
भारत जैसे देश में जहां अभी भी बड़ी संख्या गांवों में रहती है वहां 700 मेगाहर्ट्ज बैंड की विशाल कवरेज, ग्रामीण भारत को कनेक्ट करने में मदद कर सकती है। यानी 5जी केवल शहरों तक ही सीमित नही रहेगी। गांवों में भी इसका फायदा पहुचना निश्चित है।
 
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी 700 मेगाहर्ट्ज बैंड को, दूर-दराज के ग्रामीण / भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी प्रदान करने में मदद करेने वाला बताया था।
 
तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण है डेटा ट्रैफिक हैंडलिंग में इसकी महारत। यह बैंड स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क को सपोर्ट करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 1800 मेगाहर्ट्ज की तुलना में 5 गुना और 900 मेगाहर्ट्ज की तुलना में दोगुना अधिक कुशल है 700 मेगाहर्ट्ज बैंड। 26 गीगाहर्ट्ज हाई फ्रीक्वेंसी मिलीमीटर बैंड की गति तो तेज है पर इसकी कवरेज बेहद सीमित है। साथ ही 2100 मेगाहर्ट्ज के मुकाबले 700 मेगाहर्ट्ज में ब्रॉडबैंड सेवाएं देना सस्ता पड़ता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

नई धमकी! अब दुनिया के इंटरनेट कनेक्शन पर खतरा, आखिर चाहता क्या है ईरान

NEET UG paper Leak में कौन है केमिस्ट्री टीचर 'M Sir', CBI ने किया गिरफ्तार

8000 सैनिक, 16 फाइटर जेट, मध्यस्थता की आड़ में कौनसा गेम खेल रहा Pakistan? US और ईरान के साथ विश्वासघात

मानसून की एंट्री के बीच उत्तर भारत में भीषण गर्मी का टॉर्चर! बांदा सबसे गर्म, इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

'सड़कें चलने के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं': सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी, कहा- प्यार से मानो, वरना दूसरा तरीका भी है

सभी देखें

नवीनतम

नमाज वाले बयान से CM योगी आदित्यनाथ ने 2027 के विधानसभा चुनाव का एजेंडा किया सेट?

इंदौर में 'पानी' पर अपनों में रार: महापौर और बीजेपी विधायक आमने-सामने, जनता बूंद बूंद को तरसी, ये कैसी पॉलिटिक्‍स

ऋषिकेश में रेल हादसा, शंटिंग के दौरान पटरी से उतरी ट्रेन, दीवार से टकराए डिब्बे

Weather Update : कहीं भीषण गर्मी तो कहीं बारिश का अलर्ट, कई राज्‍यों में पारा 46 के पार, जानें देशभर का मौसम

PM मोदी को घेरने की कोशिश पड़ी भारी! नॉर्वे के मंच पर भारत के इस कड़क जवाब ने विदेशी मीडिया को किया खामोश

अगला लेख