rashifal-2026

सरकारी स्कूल के छात्र विज्ञान की खोज में पहुंचे जिम्मी मगिलिगन सेंटर

Webdunia
इंदौर के संगम नगर सरकारी माध्यमिक स्कूल के छात्रों का समूह अपने एक प्रोजेक्ट “विज्ञान की खोज” के अंतर्गत सनावादिया स्थित जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर आया।
 
संक्षिप्त परिचय देते हुए सेंटर की डायरेक्टर जनक पलटा मगिलिगन ने बताया कि “ मैं केवल चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल में हाई स्कूल तक पढ़ने गई थी, लेकिन विज्ञान विषय पढ़ा नहीं था। परंतु भारतीय संस्कृति, धर्म व विज्ञान के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक विकास में बहुत रूचि रही। बचपन से सुनती थी, "प्राणियों मे सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो"। इस वाक्य में अपनी भूमिका को जानते, समझते हुए मैं आज तक प्रयासरत हूं और उम्र के 70 वें साल में भी विज्ञान की खोज जारी है।
 
उन्होंने बताया कि मेरे पति जिम्मी मगिलिगन भी उत्तरी आयरलैंड के एक साधारण से हायर सेकंड्री स्कूल तक पढ़े थे, लेकिन बहुत बड़े वैज्ञानिक, शिल्पी, इंजीनियर व कर्मठ कार्यकर्ता थे। हम दोनों पहले से बहाई धर्म को मानते थे और यह समझ लिया था कि हम अपने जीवन में विज्ञान से वही करेंगे जिससे “प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो” और हम पांच तत्वों का सरंक्षण कर सकें।
 

हम दोनों ने आध्यात्मिक और सामाजिक प्राणी होने के नाते विज्ञान के माध्यम से प्रयोग व अनुभव से प्रमाणित किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग से मानव जगत सुख और आराम की प्राप्ति कर सकता है। विज्ञान का वरदान या अभिशाप होना इस पर निर्भर करता है कि इंसान किस उदेश्य से खोज करता है और कैसे उसका उपयोग करता है। विनाशकारी अभिशाप व विकासकारी वरदान होता है।
 
सेंटर के प्रशिक्षक श्रीमती नंदा चौहान और श्री राजेंद्र चौहान के साथ जिम्मी मगिलिगन सेंटर के परिसर सोलर व पवन ऊर्जा संचालित बिजली, सोलर किचन में कागज़ को एक पल में जलता देख, दर्जन सोलर कुकरों में खौलता हुआ पानी, दिवाली के पकवानों- मिठाईयों, होली के लिए प्राक्रतिक रंग, दर्द ठीक करने लिए तेल बनाने की विधि‍, रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, गाय पालन, हरा भरा जैविक फार्म, स्वाद के लिए सभी मसाले, फूल, फल, पशु पक्षी एवं पूर्ण रूप से जैविक संसाधनों पर आधारित जीवनशैली को देखकर वे हैरान रह गए।
 
फिर जनक पलटा ने जब सोलर कैंडल, लैंप, लैपटॉप व फ़ोन चार्जर प्रैक्टिकल कर दिखाया, सोलर से बजता रेडियो सुनाया, तो उनके चेहरों की चमक देखते बनती थी। विद्यार्थियों के समूह ने कहा कि  “हमारा सौभाग्य है कि हमें एक स्मार्ट शहर इंदौर से गांव में आकर, रोचक जान‍कारियां प्राप्त कर एवं आंखों से सब देखकर विज्ञान का सही मतलब पता चला और पहली बार इतनी सारे उपकरण उपयोग में देख कर बहुत मज़ा भी आया और हमारी खोज सफल रही।”

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

प्रधानमंत्री मोदी नहीं जाएंगे ढाका, रहमान के शपथ समारोह में नहीं होंगे शामिल, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्‍व

टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना पर विवाद, क्या बोले सीएम फडणवीस?

ऑनलाइन गेमिंग को क्यों नहीं समझना चाहिए 'बच्चों का खेल'?

इमरान खान की आंखें हुईं खराब, अस्‍पताल ले जाने की तैयारी, क्या कहती है मेडिकल रिपोर्ट?

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो FIR, जनता दर्शन कार्यक्रम में दिखे योगी के तेवर

सभी देखें

नवीनतम

Supreme Court कोई प्लेग्राउंड नहीं, असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ याचिका पर CJI की सख्त टिप्पणी

एमपी के आईएएस असफर ने की तीसरी शादी, दो पूर्व पत्‍नियां हैं कलेक्‍टर, तीसरी भी आईएएस, ये खबर मचा रही धमाल

AI Impact Summit 2026 : 19-20 फरवरी को भारत में होगा मेगा इवेंट, 65 से ज्यादा देश होंगे शामिल, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स का जमावड़ा

आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की पावन उपस्थिति में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सागर

रेप के आरोपों से घिरे महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर मध्यप्रदेश में कसेगा शिकंजा!, विदेश भगाने की भी अटकलें

अगला लेख