कालेश्वर धाम में नाग दीपावली पर नए सिंहासन पर विराजे नाग महाराज

Webdunia
शनिवार, 19 दिसंबर 2020 (15:12 IST)
इंदौर। शहर के सुदामा नगर में नाग दीपावली पर 19 दिसंबर को नाग महाराज नए सिंहासन पर विराजमान हुए। यह अनूठा अनुष्ठान श्री कालेश्वर धाम में हुआ, जहां नाग महाराज की प्रतिमा अपने अलौकिक रजत स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है।
 
श्री कालेश्वर धाम के संस्थापक श्री भैया जी के मार्गदर्शन में पिछले 21 वर्षों से यहां नाग पंचमी और नाग दीपावली पर उत्सव होता है। सरल उपायों के जरिए भैयाजी श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन भी देते हैं। इस बार श्री कालेश्वर धाम को विशाल स्वरूप दिया गया है, जो यहां दर्शन करने आने वालों के लिए अलग ही अनुभव देगा। नए सिंहासन को शीश महल एवं नाग लोक के रूप में बनाया गया 
 
उन्होंने बताया कि कोविड गाइडलाइन को देखते हुए नाग दीपावली पर अनुष्ठान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया और पूर्व निर्धारित समय लेकर ही दर्शन की व्यवस्था कि गई। नए सिंहासन के इस अनुष्ठान को श्री कालेश्वर धाम के फेसबुक पेज पर लाइव भी किया गया था। 
 
भैयाजी विगत कई वर्षों से लोगों को आध्यात्मिक समाधन प्रदान कर रहे हैं। सुदामा नगर में दिगंबर जैन मंदिर के पास अब एक विशाल मंदिर का निर्माण सम्पन्न हुआ है। इसी विशाल मंदिर में श्री नाग महाराज की रजत प्रतिमा पुनः विराजित कि गई।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कौन हैं महरंग बलोच, जिनसे पाकिस्तानी फौज भी खाती है खौफ?

kunal kamra controversies : कुणाल कामरा कैसे बने चर्चित कॉमेडियन, विवादों से रहा है पुराना नाता

सुनिता विलियम्स की वापसी अटकी थी राजनीति के कारण

सांसदों का वेतन बढ़ा, 34 हवाई यात्राएं, 50 हजार यूनिट, जानिए आपके माननीयों और क्या-क्या मिलता है फ्री

क्या प्रेंग्नेंट है मुस्कान, टेस्ट से सामने आएगा सच, साहिल ने मांगा सरकारी वकील, जानिए कैसी बीत रही हैं दोनों की रातें

सभी देखें

नवीनतम

ATM, UPI, GST से लेकर बैंक जमा तक 1 अप्रैल से होंगे 10 बदलाव, आपकी जेब पर क्या होगा असर

आंखों में आंसू, गला रुंधा हुआ, बॉक्सर स्वीटी के भाजपा नेता पति दीपक हुड्‍डा पर सनसनीखेज आरोप

हरियाणा में योग शिक्षक को जिंदा दफनाया, 3 महीने बाद मिला शव, जानिए क्‍या है मामला...

राणा सांगा को गद्दार कहने वाले सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हमला

RAW पर प्रतिबंध की मांग, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, अमेरिकी संस्थान ने उगला जहर तो भारत ने लगाई लताड़

अगला लेख