Dharma Sangrah

उज्जैन के महाकाल मंदिर के प्रसाद पर लगा BHOG का ठप्पा

विशेष प्रतिनिधि
शनिवार, 8 जून 2019 (14:12 IST)
भोपाल। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद पर अब भोग का टैग लग गया है। फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्‍स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने महाकाल मंदिर के प्रसाद को BHOG (ब्लिसफुल हाइजिनिक ऑफरिंग टू गॉड) का दर्जा दे दिया है।
 
यह टैग मंदिर में तैयार होने वाले प्रसाद की शुद्धता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है। शुक्रवार को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर दिल्ली में महाकाल में चढ़ने वाले भोग को यह दर्जा दिया गया है। भक्तों को बंटने वाले प्रसाद की शुद्धता और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर ये सर्टिफिकेट महाकाल मंदिर को दिया जा रहा।
 
महाकाल मंदिर के एडिशनल एडमिनिस्ट्रेटिव शारदा प्रसाद दीक्षित वेबदुनिया को बताते हैं कि दिल्ली में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में FSSAI ने BHOG सर्टिफिकेट दे दिया है, जो जल्दी ही मंदिर प्रबंधन को मिल जाएगा।
 
क्या है BHOG का दर्जा : FSSAI मंदिरों में मिलने वाले प्रसाद को शुद्धता और खाद्य सुरक्षा की परख करने के बाद BHOG (ब्लिसफुल हाइजिनिक ऑफरिंग टू गॉड) का टैग देता है। महाकाल मंदिर के प्रसाद को मिलने वाला यह टैग मंदिर में तैयार होने वाले प्रसाद की शुद्धता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित रहेगा, जो कि महाकाल के भक्तों में बांटा जाता है।
 
क्विंटलों में बिकता है प्रसाद : महाकाल मंदिर के एडिशनल एडमिनिस्ट्रेटिव दीक्षित वेबदुनिया को बताते हैं कि मंदिर में औसतन 15 क्विंटल प्रसाद प्रतिदिन बिकता है। महाकाल मंदिर में कुल पांच काउंटर प्रसाद बेचने के लिए हैं, जिनमें से एक काउंटर मंदिर प्रांगण के बाहर है। बाकी के चार काउंटर मंदिर प्रांगण के अंदर ही हैं।
 
दीक्षित कहते हैं कि प्रसाद की बिक्री श्रद्धालुओं की संख्या पर निर्भर करती है, अगर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है तो ज्यादा प्रसाद बिकता है और संख्या घटने पर प्रसाद की बिक्री भी घट जाती है। महाकाल मंदिर के प्रसाद को ऑनलाइन भी आर्डर किया जा सकता है। प्रसाद की डिलीवरी पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा की जाती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं, सेना को 'शूट फर्स्ट' के आदेश, Donald Trump को डेनमार्क का जवाब- पहले गोली मारेंगे, फिर बात करेंगे

Cashless Treatment Scheme : क्या है सरकार की कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम, कितने दिनों तक मिलेगा लाभ, किन दुर्घटनाओं में मिलेगा लाभ

US कांग्रेस में 500% टैरिफ बिल पर क्या बोली मोदी सरकार

IPAC: कैसे काम करता है ममता बनर्जी का सीक्रेट वेपन, जिसे छूने पहुंची ED तो अमित शाह पर भड़की दीदी!

मुफ्त इलाज से लेकर फ्री हेलमेट तक 2026 से ये 5 बड़े नियम सड़क पर आपके सफर को बनाएंगे आसान

सभी देखें

नवीनतम

सीधी की आदिवासी बेटी अनामिका का डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार

भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस मेंं गोकशी मामले नगर निगम सवालों के घेरे मेंं, मानवाधिकार आयोग ने उठाए सवाल

अयोध्या राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ रहा कश्मीरी शख्स, पुलिस ने किया गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

डोनाल्ड ट्रंप : इतिहास में मेरे अलावा कोई ऐसा नहीं लगता जिसे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए

क्या नीतीश कुमार को भारत रत्न देंगे पीएम मोदी?

अगला लेख