khatu shyam baba

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने क्यों समझाया RSS और BJP के बीच का अंतर?

विकास सिंह
शनिवार, 3 जनवरी 2026 (15:48 IST)
भोपाल। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर आरएसएस को भाजपा से अलग बताया है। राजधानी भोपाल के दो दिन के प्रवास के दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ को बीजेपी के चश्मे से देखना गलत है। अगर आप BJP को देखकर संघ को समझना चाहते हैं, तो यह एक बहुत बड़ी गलती होगी। अगर आप विद्या भारती (RSS से जुड़ा एक संगठन) को देखकर इसे समझने की कोशिश करेंगे तो भी यही गलती होगी। इसके साथ ही मोहन भागवत ने कहा कि संघ को लेकर फैली गलतफहमियों की वजह से RSS की भूमिका और उसके उद्देश्य को लोगों तक साफ-साफ बताना जरूरी हो गया। इसी कारण उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष में देशभर का दौरा किया।

इसके साथ ही मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक अनोखा संगठन है और इसका जन्म किसी भी चीज के विरोध या प्रतिक्रिया के रूप में नहीं हुआ था। संघ के वैचारिक गोष्ठी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि संघ भले ही वर्दी पहनता हो और शारीरिक अभ्यास करता हो, लेकिन यह कोई अर्धसैनिक (पैरामिलिट्री) संगठन नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज को एकजुट करने और उसमें आवश्यक गुण और सद्गुणों का संचार करने के लिए काम करता है ताकि भारत फिर कभी किसी विदेशी शक्ति के चंगुल में न फंसे।

मोहन भागवत ने कहा कि हम वर्दी पहनते हैं, मार्च निकालते हैं और लाठीचार्ज का अभ्यास करते हैं। लेकिन अगर कोई इसे अर्धसैनिक संगठन समझता है, तो यह एक गलती होगी। उन्होंने आगे कहा कि संघ को समझना मुश्किल है, क्योंकि यह एक अनूठा संगठन है।मोहन भागवत ने यह भी कहा कि संघ के खिलाफ एक झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा  कि आजकल लोग सही जानकारी जुटाने के लिए गहराई से छानबीन नहीं करते। वे स्रोत तक नहीं जाते। वे विकिपीडिया पर जाते हैं। वहां सब कुछ सच नहीं होता। जो लोग विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करेंगे, उन्हें ही संघ के बारे में पता चलेगा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान कई मयानों में अहम हो जाता है। गौरतलब है कि आरएसएस को अक्सर भाजपा के अनुषांगिक संगठन के तौर पर देखा जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत आरएसएस के स्वयंसेवक के तौर पर की थी। यहीं कारण है कि आरएसएस को भाजपा के मातृ संगठन के तौर पर देखा जाता है। हलांकि संघ प्रमुख कई मौकों पर इस बात का उल्लेख कर चुके है कि भाजपा और आरएसएस अलग-अलग संगठन है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

खामेनेई के बाद अलीरेजा अराफी संभालेंगे ईरान की कमान, जानिए कौन है यह नया सुप्रीम लीडर

ईरान की चेतावनी पर राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार, बोले- ऐसा मजा चखाएंगे कि भूल नहीं पाओगे...

Israel Iran War: खामनेई की मौत को लेकर खुलासा, बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप को किया फोन- इसे रास्ते से हटाओ

Jamkaran Mosque में फहराया गया लाल झंडा, ईरान ने अमेरिका-इजराइल को दी तबाही की चेतावनी

Ayatollah Khamenei की मौत के बाद दुनिया में क्या बदलेगा? मध्य पूर्व से वैश्विक राजनीति तक बड़े संकेत

सभी देखें

नवीनतम

होली पर बदलेगा मौसम: इन राज्यों में बारिश, दिल्ली-एमपी में बढ़ेगी गर्मी

होली पर घर जाने वालों को राहत: सूरत-उधना से यूपी-बिहार के लिए 6 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

LIVE: अमेरिका के पूर्व एनएसए माइक फ्लिन का दावा, अली रजा अराफी की भी मौत

ईरान-अमेरिका तनाव का सीधा असर: दुबई-अबू धाबी में 3000 गुजराती फंसे, यात्रियों में बढ़ी चिंता

होली पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा, जानिए क्या है 4 महानगरों में दाम

अगला लेख