Maharashtra News in Hindi : महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरी में मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5 फीसदी आरक्षण को रद्द करने का फैसला किया है।
सरकार ने नया सरकारी प्रस्ताव जारी कर अपने उस पूर्व आदेश को वापस ले लिया है जिसमें मुस्लिम समुदाय को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी एवं अर्ध-सरकारी नौकरियों में 5% आरक्षण दिया गया था। बाद में हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। यह फैसला न्यायालयों के निर्णयों और 2014 की नीति पर मौजूदा कानूनी स्थिति के अनुरूप लिया गया है।
किसकी सिफारिश पर मिला था आरक्षण
यह कोटा शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सरकारी एवं अर्ध-सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए लागू किया गया था। 2009 में, कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने डॉ. महमूदुर रहमान समिति का गठन किया था, जिसने शिक्षा और नौकरियों में मुस्लिम समुदाय के लिए 8% आरक्षण की सिफारिश की थी।
2014 में विधानसभा चुनावों से पहले तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में प्रवेश के साथ-साथ नौकरियों में मराठों को 16% और मुसलमानों को 5% आरक्षण प्रदान किया गया था।
edited by : Nrapendra Gupta