Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

Advertiesment
हमें फॉलो करें How to Fly a Kite

WD Feature Desk

, शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 (16:07 IST)
How to Fly a Kite: मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से पतंगबाजी का त्योहार मनाया जाता है। पतंगबाजी के दौरान, लोग अपने कौशल को साबित करते हुए एक-दूसरे की पतंगों को काटने का प्रयास करते हैं। यह प्रतिस्पर्धा कचरी और पतंग डोर की सहायता से होती है, जहां एक व्यक्ति अपनी पतंग को दूसरे से अधिक ऊंचाई पर उड़ाने और उसे काटने का प्रयास करता है।ALSO READ: Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

डोर और कचरी का सही उपयोग इस खेल की सफलता के लिए आवश्यक है। खासकर, कचरी या काइट रील का सही नियंत्रण और तेज गति से डोर खींचना पतंग को हवा में लंबी दूरी तक उड़ाने में मदद करता है।
 
तो चलिए, पतंग उड़ाने के तरीके और पतंग के प्रकार को समझते हैं, साथ ही डोर और कचरी के बारे में भी जानें...
 
पतंग उड़ाने का तरीका:
 
1. पतंग तैयार करें:
- सबसे पहले, अपनी पतंग को अच्छे से चेक करें। पतंग का आकार, उसकी संरचना, और उसके ढांचे का ध्यान रखें। पतंग हल्की और मजबूत होनी चाहिए ताकि हवा में आसानी से उड़ सके।
 
2. डोर की जांच करें:
- पतंग उड़ाने के लिए एक अच्छी डोर की जरूरत होती है। आमतौर पर डोर में नायलॉन या पॉलिएस्टर की डोर इस्तेमाल होती है। यह डोर मजबूत, लचीली और बिना टूटे लंबे समय तक चलने वाली होनी चाहिए।
 
- डोर के एक छोर को पतंग के साथ अच्छे से बांधें। सुनिश्चित करें कि डोर की गांठ मजबूत हो, ताकि पतंग उड़ते वक्त डोर खुल न जाए।
 
3. कचरी लगाएं:
- कचरी एक छोटी सी कटिया होती है, जिसमें डोर को लपेटा जाता है। यह डोर को अच्छे से नियंत्रित करने में मदद करता है। कचरी को सही तरीके से पकड़कर पतंग को उड़ाने की दिशा में नियंत्रित किया जाता है।
 
- कचरी में हाथों की सही पकड़ और गति से पतंग की ऊंचाई और दिशा को नियंत्रित किया जा सकता है।
 
4. पतंग उड़ाने की प्रक्रिया:
- सबसे पहले, एक हल्की हवा की दिशा में पतंग को ऊंचाई तक खींचें। धीरे-धीरे पतंग को हवा में उड़ने के लिए खींचें और उसे कचरी के जरिए नियंत्रित करें।
 
- जब पतंग हवा में अच्छी तरह से उड़ने लगे, तो कचरी का उपयोग करके उसे ऊपर उठाने या दिशा बदलने के लिए हल्के से खींचें।
 
- यदि हवा तेज है, तो कचरी को थोड़ा ढीला छोड़ें ताकि पतंग हवा में अधिक समय तक बनी रहे।ALSO READ: मकर संक्रांति पर 23 साल बाद दुर्लभ संयोग, भूत जाति बाघ पर सवार है, जून तक रहना होगा संभलकर
 
5. अच्छी स्थिति बनाए रखें:
- पतंग उड़ाने के दौरान, कचरी से डोर की लंबाई को नियंत्रित करने की कोशिश करें। अगर पतंग झूल रही है या गिर रही है, तो डोर की गति और खींचने की दिशा को थोड़ा समायोजित करें।
 
- जब पतंग ऊंचाई पर हो, तो उसकी डोर को अच्छे से पकड़ कर रखें, ताकि वह अचानक टूट न जाए।
 
पतंग के प्रकार:
 
1. डोरी वाली पतंग:
- ये पतंगें हल्की और आकार में लंबी होती हैं। इनकी डोर की पकड़ थोड़ी आसान होती है, और ये हवा में तेज उड़ती हैं।
 
2. डेल्टा, मोनो पतंग:
- डेल्टा या डुओटोन इवो, मोनो पतंग यह एक मजबूत और बड़ी पतंग होती है जो बहुत ऊंची उड़ सकती है। ये वो पतंग है जो शुरुआती और अनुभवी दोनों के लिए अच्छी होने के साथ-साथ ही हवा के साथ उड़ान भरने की अच्छी क्षमता रखती है, यह अक्सर प्रतियोगिताओं में उपयोग की जाती है।
 
3. मॉडर्न पतंग:
- आधुनिक पतंगों में चमकदार रंग और विशेष डिजाइन होते हैं। ये पतंगें सामान्य पतंगों से ज्यादा मजबूत होती हैं और इनको उड़ाना भी आसान होता है।
 
4. बच्चों की पतंग:
- बच्चों के लिए हल्की और छोटी पतंगें बनाई जाती हैं। इन पतंगों का आकार भी छोटा और नियंत्रित होता है, जिससे बच्चे आसानी से उन्हें उड़ा सकते हैं।
 
डोर और कचरी के प्रकार:
 
1. डोर:
- नायलॉन डोर: यह बहुत मजबूत होती है, हल्की होती है और आसानी से खिंच सकती है।
 
- डेक्रॉन लाइन (बुनी हुई) डोर: यह सिंगल लाइन पतंगों के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली डोर है। यह पतंग के टो पॉइंट को स्थिर रखने में भी सहायक होती है। यह डोर मजबूत होती है, जिसका उपयोग आमतौर पर बड़े पतंगों के लिए किया जाता है।
 
- सिल्क डोर: यह पतंग उड़ाने के लिए बहुत अच्छी होती है, लेकिन यह थोड़ा महंगी होती है और ज्यादा सॉफ्ट होती है।
 
2. कचरी:
 
- लाइट कचरी: ये हल्की होती हैं और छोटे बच्चों के लिए उपयोगी होती हैं।
 
- हैंड कचरी: यह हाथों से पकड़ने वाली होती है, और ज्यादा बड़ी पतंगों के लिए काम में आती है।
 
पतंग उड़ाने के दौरान सावधानियां:
 
* सुरक्षा: पतंग उड़ाने के दौरान हमेशा अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। तेज हवा और कच्चे स्थानों पर पतंग उड़ाना खतरनाक हो सकता है।
 
* डोर की लंबाई: जब डोर बहुत लंबी होती है, तो किसी तरह की रुकावट से पतंग टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
 
* भीड़ से दूर रहें: जगह-जगह पतंग उड़ाते समय एक दूसरे से टकराने का खतरा होता है, तो एक खुली जगह पर उड़ाना बेहतर होता है।
 
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का यह तरीका आपको मजेदार और सुरक्षित अनुभव देगा। 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: जनवरी में मकर संक्रांति के साथ पोंगल, लोहड़ी, भोगी पंडिगाई, मकरविलक्कु और माघ बिहु का महत्व

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

मकर संक्रांति पर केरल में मकरविलक्कु त्योहार, सबरीमाला मंदिर के आकाश में नजर आएगा दिव्य प्रकाश