Hanuman Chalisa

पोस्ट प्रेग्‍नेंसी हेयर फॉल से कैसे बचें

Webdunia
महिलाओं में बाल झड़ने की समस्या कोई नई बात नहीं है, लेकिन बाल जब सामान्य से अधिक झड़ने लगें तो आपको चिंता होने लगती है। प्रेग्‍नेंसी के बाद अक्सर कई तरह की समस्‍याएं महिलाओं को आती हैं, जिसमें से एक है हेयर फॉल की समस्या। बच्चे के जन्म के बाद एकदम से बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं।      
 
दरअसल बच्चे को जन्म देने के बाद आपका शरीर काफी कमजोर हो जाता है और उसमें कई विटामिंस और मिनरल्स की कमी हो जाती है।
 
आमतौर पर डिलेवरी के बाद 5-6 महीने तक बाल झड़ने का सिलसिला जारी रहता है, क्‍योंकि शरीर का हार्मोन लेवल बहुत तेजी के साथ गिर जाता है। 
 
आइए जानते हैं, कैसे आप पोस्ट प्रेग्‍नेंसी हेयर फॉल को कम कर सकती हैं... 
 
1. कंडीशनर लगाएं : बालों में कंडीशनर लगाना भी उतना ही जरुरी होता है जितना की शैंपू। अपने बालों (ऑइली, ड्राय या फिर नॉर्मल) के हिसाब से कंडीशनर चुनें। 
 
2. बैलेंस डाइट लें : बैलेंस डाइट जितनी प्रेग्‍नेंसी के दौरान जरुरी होती है उतनी ही पोस्ट प्रेगनेंसी भी जरुरी होती है। डिलेवरी के बाद आपके शरीर को रिकवर करने के लिए सही डाइट बहुत मददगार साबित होती है। यदि बैलेंस डाइट होगी तो उसका असर बालों पर भी दिखेगा।  
 
3. हफ्ते में 2-3 बार सर की हल्‍के हाथों से मसाज करें। इससे सिर में ब्‍लड सर्कुलेशन बना रहेगा। 
 
4. बालों में बार-बार कंघी ना करें और नरम दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें। 
 
5. बालों में हार्ड केमिकल वाले कलर न करें। 
 
6. तनाव लेने से भी बाल झड़ते हैं, इसलिए खुद को रिलेक्‍स रखें, योग या मेडिटेशन करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

jharkhand recipe: झारखंड का पारंपरिक पकवान ओकोपोको, जानिए कैसे बनता है यह व्यंजन

जब रास्ते बंद दिखें… समझ लो किस्मत नया दरवाज़ा खोल रही है

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

18 जून को क्यों याद की जाती हैं रानी लक्ष्मीबाई? जानें उनके बलिदान की पूरी कहानी

Hindi Poem on Yoga: योग पर हिन्दी कविता: आओ मिलकर योग करें

Guru Arjan Dev: कैसे मनाया जाता है गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस?

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जानिए इस बार की थीम, उद्देश्य और खास कार्यक्रम

नज़्म: बरसात का मौसम

अगला लेख