AIIMS में 'वर्चुअल' शव परीक्षण की हुई शुरूआत

Webdunia
शनिवार, 20 मार्च 2021 (18:35 IST)
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 'वर्चुअल' शव परीक्षण करने की सुविधा की शुरूआत शनिवार को हो गई। पारंपरिक पोस्टमार्टम की तुलना में इस प्रक्रिया में बहुत कम समय लगता है।

वर्चुअल ऑटोप्सी (शव परीक्षण) स्कैनिंग और इमेजिंग प्रौद्योगिकी के जरिए की जाती है। इसके तहत विभिन्न ऊतकों और अंदरुनी अंगों की सीटी स्कैन मशीन के जरिए जांच की जाती है। शव को सीटी स्कैन मशीन पर रखा जाता है, जहां चंद सेकंड में ही करीब 25000 तस्वीरें मिल जाती हैं, जिनकी विशेषज्ञ जांच करते हैं।

इस सुविधा केंद्र का उद्घाटन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने किया। इस नए केंद्र के बारे में एम्स फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख सुधीर गुप्ता ने बताया कि यह शव के गरिमापूर्ण प्रबंधन की दिशा में उठाया गया एक कदम है।

उन्होंने कहा, आज से शव के गरिमापूर्ण प्रबंधन के लिए यह सुविधा शुरू हो रही है। अनुसंधान के विभिन्न उद्देश्यों के लिए भी शव की चीरफाड़ करने की जरूरत नहीं होगी। अन्य अंगों की क्या स्थिति है और व्यक्ति की मौत किस कारण हुई, इस बारे में हम कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। गुप्ता ने कहा कि शव परीक्षण की इस प्रक्रिया में महज 10 मिनट लगेंगे।(भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

सर्वे में बड़ा खुलासा, 82 फीसदी दिव्यांगों का बीमा नहीं, 42% आयुष्मान योजना से अनभिज्ञ

नीतीश कुमार ने किया वादा, भाजपा से फिर कभी नहीं तोड़ेंगे नाता

म्यांमार में मुश्किलें कम नहीं, भूकंप की त्रासदी से उबरने का संघर्ष, विद्रोहियों से भी जंग

संघ मुख्यालय पहुंचने वाले दूसरे पीएम बने मोदी, क्यों खास है यह दौरा?

म्यांमार की मदद के लिए भारत ने चलाया 'ऑपरेशन ब्रह्मा', जानिए क्या-क्या भेजा

सभी देखें

नवीनतम

भारत को टैरिफ से छूट देने पर अब भी चुप्पी साधे हैं ट्रंप

Weather Update: गर्मी के तेवर होंगे और भी तीखे, दिल्ली-NCR में बढ़ेगा तापमान, इन राज्यों में होगी बारिश

LIVE: सैटेलाइट ने दिखाया भूकंप से म्यांमार की बर्बादी का मंजर, हवा में फैली लाशों की बदबू

तिब्बत को लेकर पंडित नेहरू की गलतियां और 1962 में चीन का भारत पर हमला

उत्तर प्रदेश में घर में घुसकर मां और बेटी की हत्या

अगला लेख