shiv chalisa

किफायती होगा बुलेट ट्रेन का सफर, जानिए कब से शुरू होगी यह ट्रेन...

Webdunia
मंगलवार, 12 सितम्बर 2017 (07:23 IST)
नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उच्च रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन का किराया सबके लिए वहन करने लायक होगा। वहीं रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन को देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त, 2022 को शुरू करना है जो निर्धारित कार्यक्रम से एक साल पहले है।
 
रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रभारी ने कहा कि ट्रेन शुरू करने की समयसीमा 2023 बनी रहेगी लेकिन रेलवे का 2022 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को ध्यान में रखते हुए इसे शुरू करने का लक्ष्य है।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे 14 सितंबर को बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
 
गोयल ने कहा, 'हम निश्चित तौर पर इसे (किराया) वहन करने लायक रखेंगे। अगर यात्री हवाई टिकट के लिए कम पैसे दे रहे हैं तो वे बुलेट ट्रेन से क्यों सफर करेंगे? इसलिए हमें प्रतिस्पर्धात्मक होना होगा।'
 
अधिकारियों के अनुसार बुलेट ट्रेन में दो श्रेणियों - एक्जीक्यूटिव और इकोनॉमी - की सीटें होंगी तथा किराया राजधानी एक्सप्रेस के एसी 2-टियर किराए के बराबर होगा। (भाषा) 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

ईरान-अमेरिका में सुलह कराएगा पाकिस्तान? सऊदी अरब के रुख ने पलटी बाजी!

मिडिल ईस्ट जंग के बीच PM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बातचीत, Strait of Hormuz में फंसे जहाजों का वीडियो देख दुनिया हैरान!

धर्म बदलते ही SC का दर्जा खत्म, मुस्लिम या ईसाई बनने पर क्यों छिन जाता है पुराना स्टेटस, क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

क्या अमेरिका-इजराइल के खिलाफ ईरान के पास कोई सीक्रेट वार प्लान है?

अमेरिका-ईरान युद्ध में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर कैसे बने मध्यस्थ, भारत की डिप्लोमेसी कहां चूकी?

सभी देखें

नवीनतम

सोनिया गांधी की तबीयत फिर बिगड़ी, सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी साथ

ईरान-अमेरिका में सुलह कराएगा पाकिस्तान? सऊदी अरब के रुख ने पलटी बाजी!

जितना पसीना बहेगा, उतना ही निकट आएगी जीत : CM योगी

स्वयं सहायता समूह से बदली तकदीर, अनीता संग 4400 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

योगी सरकार ने 9 वर्षों में श्रमिकों के उत्थान की लिखी नई इबारत, करोड़ों श्रमिकों को मिला संबल

अगला लेख