Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

जनगणना 2027: बिन फेरे हम तेरे, लिव-इन कपल्स अब 'Married' लिस्ट में!

Advertiesment
Census 2027 India Updates
Census 2027 India Updates: अगर आप और आपके पार्टनर बिना किसी 'बैंड-बाजा-बारात' के एक साथ रह रहे हैं, तो 2027 की जनगणना (Census) आपके लिए एक बड़ा अपडेट लेकर आई है। अब सरकार आपकी 'रिलेशनशिप स्टेटस' को सिर्फ "Complicated" नहीं, बल्कि "Married" की कैटेगरी में गिनने वाली है—बशर्ते आप खुद को एक 'स्थिर रिश्ते' (Stable Relationship) में मानते हों।
 
यहां वो सब कुछ है जो आपको इस 'Modern Move' के बारे में जानना चाहिए:

क्या है पूरा मामला?

जनगणना 2027 के Self-Enumeration Portal (स्व-गणना पोर्टल) पर एक नया FAQ अपडेट हुआ है। इसके मुताबिक:
 
अगर कोई कपल लिव-इन रिलेशनशिप में है और वे खुद को एक-दूसरे के प्रति कमिटेड मानते हैं, तो वे जनगणना में खुद को 'विवाहित' (Married) के रूप में दर्ज करा सकते हैं।
 
Self-Declaration is Key: इसके लिए किसी मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी; यह पूरी तरह आपके खुद के बयान (Self-statement) पर आधारित होगा।

डिजिटल जनगणना : नो मोर 'आंटी-अंकल' एट द डोर!

Gen Z के लिए सबसे कूल बात यह है कि आपको घर-घर आने वाले गणनाकर्ताओं (Enumerators) का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। आप Self-Enumeration Portal का इस्तेमाल करके अपनी डिटेल्स खुद ऑनलाइन भर सकते हैं।
 
प्राइवेसी बनी रहेगी और आप अपनी शर्तों पर अपनी जानकारी शेयर कर पाएंगे। यह आपके लिए क्यों मायने रखता है?
  • Validation : लिव-इन रिश्तों को सरकारी डेटा में 'स्थिर' माना जाना एक बड़ा सामाजिक बदलाव है।
  • Privacy & Ease : ऑनलाइन पोर्टल का मतलब है कि आप बिना किसी जजमेंट के अपनी जानकारी सही-सही भर सकते हैं।
  • Data accuracy : भारत में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी। 2020 वाली जनगणना कोरोना महामारी की वजह से टल गई थी, इसलिए 16 साल बाद देश का असली 'यूथ डेटा' सामने आएगा।
  • Bottom Line : सरकार अब आपके "Situationship" को "Relationship" के तौर पर पहचानने के लिए तैयार है, बस आप उसे 'Stable' घोषित करने की हिम्मत रखें!
क्या आपको लगता है कि इस कदम से लिव-इन कपल्स को समाज में बेहतर स्वीकार्यता मिलेगी?

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

World War 3 : वर्ल्ड वॉर का खतरा मंडराया, क्या महायुद्ध में बदल जाएगा क्षेत्रीय संघर्ष, रूस और चीन का क्या है रुख