rashifal-2026

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, शुरू हुआ अंतिम परीक्षण, जानिए कब पकड़ेगी रफ्तार

Advertiesment
हमें फॉलो करें Final testing of country's first hydrogen train begins

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्‍ली , गुरुवार, 8 जनवरी 2026 (18:19 IST)
Hydrogen Train : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनकर तैयार हो गई है और इसे पटरी पर उतारने से पहले रेलवे की तकनीकी टीम ने मानकों के आधार पर अंतिम परीक्षण शुरू कर दिए हैं। हाइड्रोजन ट्रेन जीरो नाइस और जीरो पॉल्यूशन वाली अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। रेलवे की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि भविष्य के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन का मजबूत मॉडल भी पेश करेगी। अनुमान है कि जींद से सोनीपत के बीच ट्रेन के 4 से 5 स्टॉपेज होंगे। किराया 5 से 25 रुपए के बीच हो सकता है।
 
ख‍बरों के अनुसार, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनकर तैयार हो गई है और इसे पटरी पर उतारने से पहले रेलवे की तकनीकी टीम ने मानकों के आधार पर अंतिम परीक्षण शुरू कर दिए हैं। हाइड्रोजन ट्रेन जीरो नाइस और जीरो पॉल्यूशन वाली अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। रेलवे की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि भविष्य के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन का मजबूत मॉडल भी पेश करेगी।
ALSO READ: योगी सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को दी मंजूरी
अनुमान है कि जींद से सोनीपत के बीच ट्रेन के 4 से 5 स्टॉपेज होंगे। किराया 5 से 25 रुपए के बीच हो सकता है। ट्रेन के संचालन की तारीख भी फिलहाल घोषित नहीं की गई है। ट्रेन में 2600 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। टेस्टिंग के दौरान ट्रेन को धीमी और मध्यम गति पर चला कर उपकरणों की कार्यक्षमता को रिकॉर्ड किया गया।

इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के लिए जींद में 3 हजार किलोग्राम भंडारण क्षमता का देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है। हाइड्रोजन ट्रेन के कोच आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें तापमान सेंसर, आधुनिक बायो टॉयलेट, वॉशबेसिन, नीले रंग के आरामदायक गद्दे, एलईडी लाइट पैनल और छत पर आधुनिक पंखे लगाए गए हैं।
ALSO READ: हाइड्रोजन कार से संसद पहुंचे मोदी के मंत्री प्रह्लाद जोशी, वायरल हुआ वीडियो
ट्रेन का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई में हुआ है। लखनऊ स्थित रेलवे के अभिकल्प, विकास एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तकनीकी अधिकारी फिलहाल ट्रेन संचालन को लेकर हर बारीक पहलू पर काम कर रहे हैं।
ALSO READ: रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, अब जनरल रिजर्वेशन में भी ई-आधार वेरिफिकेशन जरूरी
यह ट्रेन वंदेभारत को भी पीछे छोड़ देगी, क्‍योंकि इसकी खासियत यह है कि न तो डीजल से चलेगी और न ही बिजली से, यह पानी से चलेगी। भारत में जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन समेत कई देशों से अलग हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी।
Edited By : Chetan Gour

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

UP में अप्रेंटिसशिप योजना से 83000 से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग, योगी सरकार में संवर रहा है युवाओं का भविष्य