India US Trade Deal : भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है। नई डील से द्विपक्षीय व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ हटाने संबंधी फैसले पर हस्ताक्षर कर दिए।
यह समझौता न केवल टैरिफ वॉर को समाप्त करेगा बल्कि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में एक नए रणनीतिक युग की शुरुआत भी करेगा। समझौते के तहत भारत पर अब केवल 18 फीसदी टैरिफ ही लगेगा। अमेरिका के भी कई उत्पादों पर नहीं लगेगा टैरिफ।
व्हाइट हाउस द्वारा शनिवार सुबह जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका पारस्परिक और आपसी लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं। यह फ्रेमवर्क व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) वार्ताओं के प्रति दोनों भागीदारों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसे फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता न सिर्फ भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में ज्यादा पहुंच देगा, बल्कि हमारे श्रम प्रधान क्षेत्रों को भी सपोर्ट करेगा। इसके अलावा, यह हमारे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ा बढ़ावा देगा।
इस डील से दोनों देशों की बीच आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। भारत संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों, मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, इथेनॉल, कुछ सब्जियों और मांस को पूरी तरह से संरक्षित करता है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि निर्यात में वृद्धि से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि हमने अपने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं।
उन्होंने कहा कि यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करता है। यह महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह फ्रेमवर्क हमारे बीच निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और गहरा करेगा। यह फ्रेमवर्क लचीली और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मज़बूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा।
edited by : Nrapendra Gupta