मोदी के इंटरव्यू पर बोली कांग्रेस- बस 'मैं, मेरा, मैंने' की हुई बात

मंगलवार, 1 जनवरी 2019 (23:41 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साक्षात्कार के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को उन पर हमला बोला और दावा किया कि अपनी ‘नीतिगत गलतियों’ पर अफसोस जताने की बजाय उन्होंने ‘जुमला भरी’ बातें की हैं।
 
पार्टी ने प्रधानमंत्री के साक्षात्कार को ‘पूर्वनियोजित’ भी करार दिया और कहा कि मोदी को संसद का सामना करने और संवाददाता सम्मेलन करने की हिम्मत करनी चाहिए।
 
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने कई टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित एक साक्षात्कार में मंगलवार को विपक्ष के गठबंधन के प्रयास, अयोध्या मामले, नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, राफेल, अगस्ता वेस्टलैंड, किसानों की कर्जमाफी, भीड़ द्वारा हत्या और तीन तलाक सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी अपनी बात रखी। 
 
उन्होंने भ्रष्टाचार के विषय तथा कुछ अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता अयोध्या मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के रास्ते में अड़ंगे डाल रहे हैं।
 
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस साक्षात्कार में कुछ नहीं निकला। प्रधानमंत्रीजी, आप 2019 में भी अगर ‘मैं, मेरा, मुझे, और मैंने’ की बात करेंगे तो देश भी ‘हम’ की बात करके आपको चलता करने की तरफ चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि आपके सौ दिन बचे हैं और आपकी उल्टी गिनती जारी है।
 
हमें उम्मीद थी कि आप अपनी नीतिगत गलतियों पर अफसोस जताएंगे, लेकिन आपने झूठ बोलने का काम किया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ 
 
सुरजेवाला ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए था कि 15 लाख रुपए जनता के खाते में आए कि नहीं? कालेधन का एक रुपया भी आया या नहीं? किसान को लागत पर पचास फीसदी मुनाफा देने की बात की थी क्या किसान को लागत भी मिली? गब्बर सिंह टैक्स लगाकर व्यापार मंदा और चौपट क्यों कर डाला?’ 
 
उन्होंने पूछा कि नोटबंदी में कालेधन वालों की ऐश क्यों हुई? राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ क्यों? राफेल के तीस हजार करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार। अगर कुछ गलत नहीं तो राफेल पर जेपीसी बनाने से परहेज क्यों? क्या गंगा मैया साफ हो गई? मेक इन इंडिया का क्या हो गया?’’ 
 
राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी पार्टी और आरएसएस की मांग को खारिज किया है। साथ ही उन्होंने कहते हुए लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है कि न्यायालय के फैसले के बाद अध्यादेश लाया जाएगा, जबकि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद किसी अध्यादेश की जरूरत नहीं होती है क्योंकि यह फैसला देश का कानून बन जाता है। 
 
सुरजेवाला ने कहा कि एक बात साफ हो गई कि वे मोहन भागवत की बात नहीं मानते और न ही भाजपा की मानते हैं। मुझे लगता है कि उन लोगों को अब यह बात समझ लेनी चाहिए। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अयोध्या मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अध्यादेश के बारे में विचार किया जा सकता है। 
 
राफेल मामले को लेकर भी सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि इस मामले में सीधा आरोप मोदी के खिलाफ है। उन्होंने सवाल किया कि मोदी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग क्यों नहीं मान रहे है? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि ‘पूर्व नियोजित साक्षात्कार’ के जरिए देश को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद और संवाददाता सम्मेलन कर सवालों का सामना करना चाहिए।
 
शर्मा ने सर्जिकल स्टाइक पर राजनीति नहीं करने से जुड़े प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर कहा कि यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है कि प्रधानमंत्री सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण करने और देश को बांटने की कोशिश करते हैं। इससे पहले, सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि न ज़मीनी हक़ीक़त की दरकार, न किए हुए वादों से सरोकार, जुमलों भरा मोदीजी का साक्षात्कार। 
 
उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी, ‘गब्बर सिंह टैक्स’, बैंक फ़्रॉड, काला धन वालों की मौज, हर खाते में 15 लाख, राफ़ेल का भ्रष्टाचार, महंगाई, राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़, किसान पर मार, अच्छे दिन के वादे से देश भुगत रहा है। (भाषा)

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