Biodata Maker

NPR में गलत जानकारी देने पर लगेगा जुर्माना, नहीं ली जाएगी बायोमेट्रिक जानकारी, पूछे जाएंगे 18 सवाल

Webdunia
बुधवार, 15 जनवरी 2020 (22:25 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पर पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों और विपक्षी दलों द्वारा जताई गई चिंताओं के बीच गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि रजिस्टर को अद्यतन करने के दौरान कागजात या बायोमेट्रिक जानकारी देने के लिए नहीं कहा जाएगा।
ALSO READ: CAA, NRC, NPR के खिलाफ कांग्रेस ने बनाई रणनीति, मोदी सरकार को घेरने की तैयारी
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि एनपीआर कवायद के तहत विभिन्न प्रश्नों वाले फॉर्म को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कवायद के दौरान 'कोई भी कागजात देने के लिए नहीं कहा जाएगा' और बायोमेट्रिक जानकारी भी नहीं ली जाएगी।
 
क्या है एनपीआर? : एनपीआर देश में रहने वाले निवासियों का रजिस्टर है। नागरिकता कानून 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र) नियम, 2003 के प्रावाधनों तहत यह स्थानीय (गांव/कस्बा) उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है। नियम में इसका उल्लंघन करने वाले पर 1 हजार रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान है।
 
होंगे 18 सवाल : गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस बार एनपीआर के दौरान न तो किसी के कोई दस्तावेज मांगे जाएंगे, न ही बायोमेट्रिक देने को कहा जाएगा। इसमें लगभग 18 सवाल होंगे। एनपीआर कानून और जनगणना कानून के तहत सही जानकारी नहीं देने वाले के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान है। यह अलग बात है कि अभी तक किसी के ऊपर यह जुर्माना नहीं लगाया गया है।
 
हालांकि रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक एनपीआर डेटाबेस में जनसांख्यिकी के साथ ही बायोमेट्रिक विवरण भी होंगे। इसमें कहा गया कि एनपीआर का लक्ष्य देश में रहने वाले हर निवासी का समग्र डेटाबेस तैयार करना है। डेटाबेस में जनसांख्यिकी के साथ बायोमेट्रिक विवरण भी होंगे।
 
बंगाल और केरल ने लागू करने से किया मना : संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर देश के विभिन्न हिस्से में विरोध प्रदर्शन के बीच पश्चिम बंगाल और केरल ने एनपीआर को अद्यतन करने का काम फिलहाल रोक दिया है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर राज्यों ने एनपीआर से संबंधित प्रावधानों को अधिसूचित कर दिया है।
 
असम में नहीं होगा लागू : असम को छोड़कर पूरे देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एनपीआर की कवायद वर्ष 2020 में अप्रैल से सितंबर के बीच पूरी की जानी है। एनपीआर की कवायद के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3941.35 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

पापा, मैं अजित पवार के साथ बारामती जा रही हूं, एयर होस्टेस पिंकी की आखिरी कॉल, भावुक पिता ने क्या बताया

कौन थे अजीत पवार का जेट उड़ाने वाले कैप्टन सुमित कपूर, Learjet का माना जाता था Expert

कौन थीं अजित पवार का प्लेन उड़ाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक, 25 साल उम्र में दर्दनाक मौत, कितने साल का था अनुभव, MP से क्या था कनेक्शन, कैसे भरी थी सपनों की उड़ान

क्या था 70,000 करोड़ का सिचाई घोटाला, कैसे जुड़ा था अजित पवार का नाम

अजित पवार की तरह विमान हादसे में गई थी इन दिग्गजों की जान, देखें Photos

सभी देखें

नवीनतम

LIVE: अजित पवार को आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

बारामती पहुंचने पर शरद पवार ने लोगों से पूछा- यह कैसे हुआ

Ajit Pawar Plane Crash : वक्त के पाबंद अजित पवार की कलाई घड़ी ने दी उनकी विदाई की गवाही

Ajit Pawar Plane Crash : परिवार और बच्चों को बिलखता छोड़ गए विदीप जाधव, पड़ोसियों की आंखों में तैर रही वह आखिरी मुस्कान

कब्जामुक्त कराएं जमीन, बख्शे न जाएं भू माफिया, CM योगी के सख्त निर्देश

अगला लेख