Swami Chaitanyananda Saraswati: दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के डॉयरेक्टर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ स्वामी पार्थसारथी के खिलाफ 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप है। छात्राओं का कहना है कि बाबा उन्हें परीक्षा में फेल करने के डर दिखाता था। जाल में फंसाने के लिए वह प्रलोभन भी देता था। बहरहाल मामला उजागर होते ही बाबा फरार हो गया। पुलिस उसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में तलाश रही हैं। वह मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम करता है। साथ ही वह लगातार अपने ठिकाने भी बदल रहा है। इस वजह से उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
छात्राओं का आरोप है कि चैतन्यानंद सरस्वती उन्हें विदेश घुमाने और परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था। वह उन्हें वॉट्सऐप पर आपत्तिजनक संदेश भेजता था। उसकी बात नहीं मानने पर वह छात्राओं को करियर बर्बाद करने की भी धमकी देता था। ALSO READ: दिल्ली के इंस्टीट्यूट में 15 छात्राओं से छेड़छाड़, स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ FIR
पुलिस जांच में छात्राओं ने बाबा के साथ ही संस्थान की तीन महिला वार्डनों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि वार्डनों ने न सिर्फ उनकी शिकायतों को दबाया, बल्कि बाबा द्वारा भेजे गए वॉट्सऐप मैसेज डिलीट करने का भी दबाव बनाया।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में पता चला है कि 50 से अधिक छात्राओं के मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट्स डिलीट की गई हैं। पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रही है।
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर पहले भी 2009 में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। 2016 में भी एक महिला ने बाबा के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी।