UNSC: भारत ने यूएन में दुनिया को दिया ‘संदेश’ तो पाकिस्‍तान ने फि‍र रोया ‘राग कश्‍मीर’

Webdunia
मंगलवार, 3 अगस्त 2021 (23:43 IST)
मुद्दा आतंकवाद का हो या कश्‍मीर का। या चाहे भारत का कोई आंतरिक मामला। पाकिस्‍तान अक्‍सर इनमें अपना हस्‍तक्षेप करता रहता है। कश्‍मीर मुद्दा तो उसका स्‍थाई राग है। एक बार फिर पाकिस्‍तान ने यूएनएससी के दौरान अपना कश्‍मीर राग अलापा है।

इस्लामाबाद, पाकिस्‍तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की शुरुआत करते वक्त भारत ने दुनिया को तीन संदेश दिए। लेकिन, पाकिस्तान के गले ये संदेश नहीं उतरे। उसने एक बार फि‍र से कश्मीर राग अलापा है।

दरअसल, 5 अगस्त 2019 को भारत ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म करने का फैसला किया था, जबकि पाकिस्‍तान अभी भी इसे लेकर बयानबाजी करता रहता है।

अब पाकिस्‍तान ने मंगलवार को भारत पर रचनात्मक व सार्थक संवाद के किसी भी प्रयास पर निरंतर पानी फेरने का आरोप लगाया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के दौरान भारत की प्राथमिकताओं के संबंध में एक ट्वीट किया था, जिसके बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने यह बात कही।

जयशंकर ने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के दौरान भारत की तीन प्राथमिकताएं गिनाईं, जिनमें संयम की आवाज, संवाद की वकालत और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन शामिल है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अगस्त महीने की अध्यक्षता भारत के पास है। जयशंकर ने रविवार को ट्वीट किया था, ‘अगस्त के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालने के साथ हम अन्य सदस्यों के साथ सार्थक रूप से काम करने के लिए उत्सुक हैं। भारत हमेशा संयम की आवाज, संवाद का हिमायती और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक रहेगा’

जयशंकर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चौधरी ने कहा, ‘दुनिया को संयम का प्रवचन देने से पहले भारत अपने आंतरिक हालात को दुरुस्त करे’

चौधरी ने कहा कि 5 अगस्त, 2019 के बाद से भारत की कार्रवाई ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर, यूएनएससी प्रस्तावों और चौथे जिनेवा कन्वेंशन सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन’ है।

बता दें कि मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर में निरस्त कर दिया था और उसे दो केन्द्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। भारत ने साफ कहा था कि अनुच्छेद 370 से संबंधित मुद्दा पूरी तरह उसका आंतरिक मामला है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

भारत कोई धर्मशाला नहीं, लोकसभा में बोले अमित शाह, इमिग्रेशन बिल 2025 पास

रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी घुसपैठिए, सब पर लगेगी लगाम, लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया प्लान

Ranya Rao को तीसरी बार झटका, जमानत याचिका नामंजूर, जानिए Gold smuggling case में अब तक क्या-क्या हुआ

Hurun Global rich List : 284 अरबपतियों के पास भारत की GDP का एक तिहाई हिस्सा, मुकेश अंबानी एशिया में सबसे अमीर

क्‍या है सत्‍ता जिहाद जिसे लेकर उद्धव ठाकरे ने साधा पीएम मोदी पर निशाना?

सभी देखें

नवीनतम

शादी का झांसा देकर महिला कांस्टेबल से दुष्कर्म, सैन्य अधिकारी पर FIR

नेपाल में राजशाही के समर्थन में प्रदर्शन, हिंसा भड़की, एक की मौत, काठमांडू हवाई अड्‍डा बंद

विश्व व्यवस्था में बढ़ रहा है भारत का प्रभाव, TV9 शिखर सम्मेलन में मोदी

Earthquake: 1300KM दूर बैंकॉक में कैसे मची तबाही, दुनिया के 5 देश कांपे, 50 से ज्‍यादा मौतें, क्‍या है भारत का हाल?

ATM से अतिरिक्त निकासी पर शुल्क बढ़ा, जानिए कब से लागू होंगे यह charges

अगला लेख