Hanuman Chalisa

नवरात्रि में दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना से शांत हो जाते हैं नवग्रहों के प्रकोप

Webdunia
हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व 'शारदीय नवरात्रि' मनाया जाता है।
 

 
आश्विन शुक्ल पक्ष प्रथमा को कलश की स्थापना के साथ ही भक्तों की आस्था का प्रमुख त्योहार शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाता है। 
 
9 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां भगवती के नौ रूपों क्रमश: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी की पूजा की जाती है। 
 
यह महापर्व संपूर्ण भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इन दिनों भक्तों को प्रात:काल स्नानादि क्रियाओं से निवृत्त होकर निष्कामपरक संकल्प कर पूजा स्थान को गोमय से लीपकर पवित्र कर लेना चाहिए। फिर षोडशोपचार विधि से माता के स्वरूपों की पूजा करना चाहिए।
 
पूजा करने के उपरांत इस मंत्र द्वारा माता की प्रार्थना करना चाहिए- 
 
मंत्र- 'विधेहि दे‍वि कल्याणं विधेहि परमांयिम। 
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।' 
 
पौराणिक कथानुसार महाराक्षस रावण का वध करने के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने शारदीय नवरा‍त्रि का व्रत किया था, तभी जाकर उन्हें विजय की प्राप्ति हुई थी। 
 
आस्थावान भक्तों में मान्यता है कि 9 दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करने वाले भक्तों पर से नवग्रहों का प्रकोप शांत हो जाता है और जीवन में उसे सुख, शांति, यश और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

ALSO READ: समस्त सुखों को प्राप्त‍ करना है तो नवरात्रि में स्मरण करें मां दुर्गा के ये अचूक मंत्र

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

3 वर्ष बाद आई हैं पुरुषोत्तम मास की ये 2 दुर्लभ एकादशियां, व्रत रखना न भूलें

Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं?

रोहिणी लगना और नौतपा लगने में क्या है अंतर, क्या है इसका विज्ञान

पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 मई, 2026)

अगला लेख