Festival Posters

महाष्‍टमी पर कन्या भोज के समय करें ये महत्वपूर्ण कार्य, होगा बहुत ही अच्‍छा

Webdunia
सोमवार, 11 अक्टूबर 2021 (15:48 IST)
भारत के कुछ राज्यों में नवरात्रि के नौ दिनों में कुमारी या कुमारिका पूजा होती है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को बुलाकर उनको भोजन कराया जाता है। अष्टमी के दिन भोजन कराने के खास महत्व है क्योंकि इस दिन महागौरी की पूजा होता। आओ जानते हैं कि क्या भोजन के समय क्या करना चाहिए।
 
1. अष्टमी या नवमी के दिन कन्या भोज के पहले कन्या पूजन किया जाता है। इस दिन कम से कम नौ कन्याओं को बुलाना चाहिए।
 
2. धार्मिक मान्यता के अनुसार 2 से 10 वर्ष की आयु की कन्या कुमारी पूजा के लिए उपयुक्त होती हैं।
 
3. सभी कन्याओं को कुश के आसान पर या लकड़ी का पाट पर बैठाकर उनके पैरों को पानी या दूध से धोया जाता है।
 
4. पैर धोने के बाद उनके पैरों में महावार लगाकर उनका श्रृंगार करें उनके माथे पर अक्षत, फूल और कुमकुम का तिलक लगाकर उनकी पूजा करें।
 
5. इसके बाद सभी कन्याओं को भोजन कराएं। साथ ही एक लांगुरिया (छोटा लड़का) को खीर, पूरी, प्रसाद, हलवा, चने की सब्जी आदि खिलाएं।
 
6. भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा दें, उन्हें रूमाल, चुनरी, फल और खिलौने देकर उनका चरण स्पर्श करके उन्हें खुशी खुशी से विदा करें। कन्याओं को तिलक करके, हाथ में मौली बांधकर, गिफ्ट दक्षिणा आदि देकर आशीर्वाद लिया जाता है, फिर उन्हें विदा किया जाता है।
 
7. कुमारी पूजा में ये बालिकाएं देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों को दर्शाती हैं- कुमारिका, त्रिमूर्ति, कल्याणी, रोहिणी, काली, चंडिका, शनभावी, दुर्गा और भद्रा।
 
8. एक कथा के अनुसार माता के भक्त नि:संतान पंडित श्रीधर ने एक दिन कुमारी कन्याओं को भोजन पर आमंत्रित किया। वहां पर मातारानी कन्या के रूप में आकर उनक कन्याओं के बीच बैठ गई। सभी कन्या तो भोजन करने चली गई परंतु मारारानी वहीं बैठी रहीं। उन्होंने पंडित श्रीधर से कहा कि तुम एक भंडारा रखो, भंडारे में पूरे गांव को आमंत्रित करो। इस भंडारे में भैरवनाथ भी आया और वहीं उसके अंत का प्रारंभ भी हुआ।
 
9. नवरात्रि के 8वें दिन की देवी मां महागौरी हैं। मां गौरी का वाहन बैल और उनका शस्त्र त्रिशूल है। परम कृपालु मां महागौरी कठिन तपस्या कर गौरवर्ण को प्राप्त कर भगवती महागौरी के नाम से संपूर्ण विश्व में विख्यात हुईं। भगवती महागौरी की आराधना सभी मनोवांछित कामना को पूर्ण करने वाली और भक्तों को अभय, रूप व सौंदर्य प्रदान करने वाली है अर्थात शरीर में उत्पन्न नाना प्रकार के विष व्याधियों का अंत कर जीवन को सुख-समृद्धि व आरोग्यता से पूर्ण करती हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Holika Dahan 2026: कर्ज से हैं परेशान, होली की रात्रि है समाधान, पढ़ें 2 चमत्कारिक उपाय

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

होलिका दहन और होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, जानें 4 काम की बातें

भारत में खाटू श्याम बाबा के 10 बड़े मंदिर, क्या आप जानते हैं 3 मूल मंदिर कहां है?

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (02 मार्च, 2026)

02 March Birthday: आपको 2 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 मार्च 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (01 मार्च, 2026)

ईरान इजराइल अमेरिका युद्ध: ज्योतिष में किसकी जीत का संकेत? जानिए भविष्यवाणी

अगला लेख