Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 (09:41 IST)
Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 (11:36 IST)
Vaishakh Satuvai Amavasya: हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार सतुवाई अमावस्या, जो कि वैशाख अमावस्या के रूप में भी मनाई जाती है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, जिसे विशेष रूप से पितृ तर्पण और पारिवारिक सुख-शांति के लिए मनाया जाता है। अमावस्या का दिन भारतीय संस्कृति में अत्यंत शुभ माना जाता है, खासकर पितृ पूजा और तर्पण के लिए। इस अवसर पर 'ॐ पितृभ्य: नम:' मंत्र का जाप करना लाभदायी रहता है। इस दिन सत्तू खाना और दान करना केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अच्छा माना जाता है क्योंकि यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है।
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इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए विशेष महत्व होता है। उदया तिथि के अनुसार: मुख्य व्रत और दान-पुण्य 17 अप्रैल, शुक्रवार को किया जाएगा।
महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सतुवाई या वैशाख अमावस्या का बहुत अधिक फल मिलता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। इस दिन गंगा स्नान या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है।
भीषण गर्मी की शुरुआत होने के कारण इस दिन ठंडी तासीर वाली चीजों जैसे सत्तू, घड़ा/ मटका, और पंखे का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सतुवाई अमावस्या का पर्व खासतौर पर सात्विक भोजन, सत्तू, तिल, गुड़ और जल से तर्पण करने के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन पितृ तर्पण करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है और इसे करने से घर में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है।
सतुवाई अमावस्या के मुहूर्त 2026
वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जा रही है।
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 अप्रैल 2026 को रात 08:11 बजे से
अमावस्या का समापन: 17 अप्रैल 2026 को शाम 05:21 बजे तक
अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:47 पी एम
अमृत काल- 09:50 ए एम से 11:18 ए एम
आज की पूजा विधि
- अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
- सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
- यदि संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और फूल डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
- दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के नाम से जल और काले तिल अर्पित करें तथा 'ॐ पितृभ्य: नम:' मंत्र का जाप करें।
- एक मिट्टी के कलश में पानी भरकर, उस पर सत्तू का पात्र रखकर दान करें।
- इसके अलावा मौसमी फल और वस्त्रों का दान भी फलदायी होता है।
- इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
- आज किसी जरूरतमंद को सीधा यानी कच्चा अनाज दान करें।
वैशाख अमावस्या-FAQs
1. वैशाख मास में कौन से त्योहार आते हैं?
सतुवाई, दर्श अमावस्या, गंगा स्नान, बैसाखी, अक्षय तृतीया, बुद्ध पूर्णिमा।
2. गंगा स्नान का समय कौन सा है?
वैशाख मास में विशेष तिथियों पर, जैसे अमावस्या, पूर्णिमा या अन्य शुभ दिन, गंगा स्नान करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है।
3. वैशाख मास में क्या व्रत किए जाते हैं?
इस माह में कई व्रत किए जाते हैं, जैसे सोमवार व्रत, अमावस्या पितृ तर्पण, पूर्णिमा व्रत, अक्षय तृतीया व्रत, जो पुण्य और समृद्धि बढ़ाने के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
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