Hanuman Chalisa

बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने कर दी भू-वैज्ञानिकों की पिटाई

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
गुरुवार, 22 अगस्त 2019 (16:16 IST)
मॉब लिंचिंग के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में 2 भू-वैज्ञानिक इसका शिकार हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को बच्‍चा चोर समझकर जमकर पिटाई कर दी। आखिर किसी तरह उन्‍होंने अपनी जान बचाई और पास के पुलिस स्टेशन पहुंचे।

खबरों के मुता‍बिक, सोमवार को कैमूर जिले के चफला गांव में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, मणिपुर के वैज्ञानिक आरएल रोहतांग और इसी विभाग के कोलकाता कार्यालय के विशेषज्ञ मनीष कुमार यहां खनिज पदार्थों की खोज के लिए सर्वे करने पहुंचे थे।

इसी दौरान बारिश आ जाने के कारण वे एक पेड़ के नीचे चले गए। वहीं कुछ बच्चे भी बकरियां चरा रहे थे। वो भी पेड़ के पास आ गए। इसी बीच वैज्ञानिकों ने बच्चों को केला और सेब खाने के लिए दे दिया। इसके बाद बच्‍चों ने ग्रामीणों को इस बारे में सब बता दिया।

बाद में बच्चों की बात सुनकर ग्रामीण तुरंत उस जगह पर पहुंचे और दोनों वैज्ञानिकों को बच्चा चोर समझकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। भीड़ ने उनकी जीप को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। आखिर में किसी तरह दोनों ने अपनी जान बचाई और पुलिस स्टेशन पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, बोलीं- भाजता के इशारे पर लोकतंत्र को कर रहा कमजोर

अयातुल्ला खामेनेई को सता रहा अमेरिकी हमले का डर, तेहरान के भूमिगत बंकर को बनाया ठिकाना

तेजस्वी यादव बने RJD के कार्यकारी अध्यक्ष, रोहिणी आचार्य बोलीं- लालूवाद को खत्म करने की साजिश

शशि थरूर बोले- कांग्रेस का कभी विरोध नहीं किया, ऑपरेशन सिंदूर पर रुख के लिए नहीं मांगूगा माफी

ईरानी सेना के कमांडर की अमेरिका को चेतावनी, कहा- इशारा मिलते ही दब जाएगा ट्रिगर

सभी देखें

नवीनतम

भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

योगी सरकार का मेगा पुश : यमुना एक्सप्रेसवे पर 65 से अधिक इकाइयों को भूमि आवंटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण में आई तेजी

उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा रहा यूपी दिवस 2026 का आयोजन

CM योगी के दूरदर्शी विजन से बुंदेलखंड में दुग्ध क्रांति, आत्मनिर्भर हो रहीं 86 हजार महिलाएं

अगला लेख