Hanuman Chalisa

बिहार की जोकीहाट विधानसभा सीट, जहां तीन दशक से पिता-पुत्र का कब्जा है

Webdunia
शुक्रवार, 25 मई 2018 (15:53 IST)
अररिया। बिहार में अररिया जिले का जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र साढ़े तीन दशक से पिता-पुत्र की जीत का गवाह बनता आ रहा है। 
      
जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र के लिए 28 मई को हो रहे उपचुनाव में मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पार्टी के दिग्गज नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री मो. तस्लीमुद्दीन और उनके पुत्र एवं अररिया के सांसद सरफराज आलम के छोटे भाई शहनवाज आलम को चुनावी दंगल में उतारा है। यह सीट मो. तस्लीमुद्दीन का गढ़ माना जाता रहा है। 
      
जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र से मो. तस्लीमुद्दीन ने वर्ष 1969, 1972, 1977, 1985 और 1995 के चुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके बाद मो. तस्लीमुद्दीन के पुत्र सरफराज आलम वर्ष 1996, 2000, 2010 और 2015 में इस सीट से विजयी हुए थे। लगभग नौ वर्षों तक इस सीट पर पिता-पुत्र का कब्जा बना रहा। एक बार फिर इस सीट से राजद ने मो. तस्लीमुद्दीन के छोटे पुत्र शहनवाज आलम को उम्मीदवार बनाकर दाव खेला है। 
       
उल्लेखनीय है कि सरफराज आलम के अररिया लोकसभा उपचुनाव जीतने के बाद सीट रिक्त होने के कारण जोकीहाट सीट पर उपचुनाव हो रहा है। इस सीट के लिए 28 मई को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 31 मई को होगी। इस क्षेत्र से कुल नौ उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला जदयू और राजद के बीच तय माना जा रहा है। (वार्ता)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, असल समस्या हल नहीं होगी, NEET paper leak पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी की कीमत कैसे तय होती है, खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? कीमत के अलावा ये फैक्टर्स भी हैं बेहद जरूरी

रूस-तालिबान डिफेंस डील से उड़े पाकिस्तान के होश, भारत के लिए क्या हैं इसके कूटनीतिक मायने?

ईरान का दावा- 'बुशहर में गिराया अमेरिकी विमान', भड़का अमेरिका; क्या खटाई में पड़ेगा 60 दिनों का युद्धविराम?

राहुल गांधी ने बिछाई 2029 की बिसात: क्‍या कांग्रेस अब ‘हाईकमान मॉडल’ छोड़ क्षेत्रीय चेहरों पर लगाएगी दांव?

सभी देखें

नवीनतम

राजस्थान में रेतीला बवंडर, 5 जिलों में छाया अंधेरा, पाकिस्‍तान ने बदल डाला भारत का मौसम

शादी से पहले दूल्हे ने काटा प्रायवेट पार्ट, परिवार में हड़कंप, युवक की हालत गंभीर, आखिर क्यों उठाया यह कदम?

इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल: फायदे ज्यादा या नुकसान? वाहन मालिकों के लिए जरूरी जानकारी

ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक पर सोनारपुरा में हमला, कपड़े फाड़े, हेलमेट पहनकर बचाई जान

दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, आतंकी साजिश का भंडाफोड़, ISI के 9 एजेंट गिरफ्तार, हथियार और विस्फोटक बरामद

अगला लेख