Publish Date: Tue, 20 Jan 2026 (22:36 IST)
Updated Date: Tue, 20 Jan 2026 (22:38 IST)
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग लेने लगा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बातचीत किए जाने के एक दिन बाद अब कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर आई है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बुधवार को माघ मेले में पहुंचे और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से उनके शिविर में मुलाकात की। इस दौरान अजय राय ने मणिकर्णिका घाट से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण धार्मिक परंपराओं और संत समाज की भावनाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
अजय राय अचानक माघ मेले में स्थित शंकराचार्य के शिविर पहुंचे, जहां शिविर के बाहर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से उन्होंने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनके संघर्ष को समर्थन देने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे समाज और सनातन परंपराओं से सीधे जुड़े हुए हैं और इन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अजय राय और उनके साथ आए नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि समाजहित से जुड़े मुद्दों पर सभी को एकजुट होकर आवाज बुलंद करनी चाहिए। माघ मेले के दौरान हुई इस मुलाकात को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। माघ मेले से जुड़े इस विवाद में अब प्रमुख राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता के चलते सियासी माहौल और अधिक गर्मा गया है। Edited by : Sudhir Sharma