CAA के विरोध में महाराष्ट्र बंद, 3000 से अधिक हिरासत में

Webdunia
शुक्रवार, 24 जनवरी 2020 (15:18 IST)
पुणे। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के खिलाफ महाराष्ट्र में प्रकाश अम्बेडकर के नेतृत्व वाले वंचित बहुजन अगाड़ी (वीबीए) की ओर से आहूत भारत बंद में भाग लेने के लिए शुक्रवार को राज्यभर में 3,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। वीबीए के राज्य प्रवक्ता सिद्धार्थ मोकले ने बताया कि 100 से अधिक संगठनों के समर्थन के साथ बंद सफल रहा।
ALSO READ: क्या CAA का विरोध कर रही महिला ने 500 रुपए के बदले प्रदर्शन करने की बात स्वीकारी...जानिए सच...
पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे में प्रदर्शनकारियों ने दत्तवाड़ी इलाके और कोथरू में कुछ वाहनों पर पथराव किया। चेंबूर के पास मुंबई में राज्य परिवहन निगम के वाहनों पर पथराव की मामूली घटनाओं के अलावा अब तक कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
 
मोकले ने बताया कि लोगों और यातायात को प्रभावित किए बिना दिन के दौरान कुछ क्षेत्रों में प्रदर्शन होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएए को केंद्र जबरन लागू करने की कोशिश कर रहा है जबकि इसे लेकर देश में अशांति का माहौल है।
 
उन्होंने कहा कि देश आर्थिक दिवालियापन की राह पर है। नोटबंदी और जीएसटी के साथ देश में अविश्वास के माहौल के कारण सरकार को राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा। केंद्र की आर्थिक नीतियां गलत हैं और सरकार केवल इस तरह के कृत्यों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी, केन्द्र सरकार ने बढ़ाया डीए

नासिक कुंभ के नाम को लेकर अखाड़ों में मतभेद, जानिए कब शुरू होगा मेला

ATM से अतिरिक्त निकासी पर शुल्क बढ़ा, जानिए कब से लागू होंगे यह charges

यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पेशकश, NATO को दी चेतावनी

ईद पर मुंबई में विस्फोट और दंगों की चेतावनी, सुरक्षा बढ़ाई गई

सभी देखें

नवीनतम

जिंदगी पर भारी पड़ा रील का नशा, गिरने से 'यमराज' की मौत

कठुआ ऑपरेशन में कुल 9 की मौत, इनमें 5 आतंकवादी और 4 जवान

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी, रूसी सशस्त्र बलों में सेवारत 18 में से 16 भारतीय लापता

चीख-पुकार, हिलती इमारतें, धुल का गुबार, हजारों के मरने की आशंका, भूकंप से तबाही की आंखों देखी

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में 1.50 लाख अवमानना ​​मामले लंबित, सरकार ने संसद में दी जानकारी

अगला लेख