shiv chalisa

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने की विधि और नियम जानकर ही करें पाठ

Webdunia
बुधवार, 14 दिसंबर 2022 (14:47 IST)
Shiv Tandav Stotra Patha : रावण ने अपने आराध्य शिव की स्तुति में शिव तांडव स्तोत्र की रचना की थी। इस स्त्रोत को विधिवत रूप से पढ़ना चाहिए तो ही इसका लाभ मिलता है। यदि आप इस स्त्रोत का विधिवत रूप से पाठ नहीं कर पाते हैं तो यह अच्छा नहीं माना जाता है। आओ जानते हैं कि शिव ताण्डव स्त्रोत का पाठ कब और कैसे करना चाहिए।
 
शिवतांडव स्तोत्र की विधि | shiv tandav stotram vidhi:
 
- इसका पाठ प्रातः काल या प्रदोष काल में करना चाहिए।
ALSO READ: शिव तांडव स्त्रोत पढ़ने के 8 चमत्कारी लाभ, जीवन का हर संकट होगा समाप्त
- सबसे पहले स्नानादि करने के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद ही इसका पाठ करें।
 
- शिवजी की चित्र, तस्वीर या मूर्ति के समक्ष प्रणाम करने के बाद उनकी पूजा करने के बाद पाठ करें।
 
- सफेद कुर्ता और धोति पहनकर कुश के आसन पर बैठकर ही इसका पाठ करें।
 
- यह पाठ उच्च स्वर और शुद्ध उच्चारण में भी कर सकते हैं। 
 
- इसके लिए पहले आप शब्दों का अच्‍छे से समझकर उसका शुद्ध उच्चारण करना सीखें।
 
- पाठ पूर्ण होने के बाद शिवजी का ध्यान करें और फिर उनकी पंचोपचार विधि से पूजा के बाद आरती करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक की पौराणिक कथा: क्यों माने जाते हैं ये 8 दिन अशुभ?

Holashtak 2026: होलाष्टक कब शुरू होगा और कब होगा समाप्त, क्या करें और क्या नहीं?

2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय

क्या वाहन नंबर का दुर्घटना से कोई संबंध है? यदि आपका संबंध इन नंबरों से है तो रहें सतर्क

AI का धर्म पर जवाब हुआ वायरल, सुनकर लोगों की सोच बदल गई

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 फरवरी, 2026)

22 February Birthday: आपको 22 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 फरवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope 2026: साप्ताहिक राशिफल 23 फरवरी से 01 मार्च, जानें फरवरी के अंतिम सप्ताह का राशिफल

अगला लेख