shiv chalisa

संस्कृत दिवस कब है और क्यों मनाया जाता है?

Webdunia
World Sanskrit Day
 
- राजश्री कासलीवाल
 
22 अगस्त को विश्व संस्कृत दिवस है। यह दिन प्रतिवर्ष श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। हमारी संस्कृति में संस्कृत भाषा के प्राचीनतम भाषा होने की वजह से यह दिन मनाया जाता है। हमारी धार्मिक संस्कृति में इसे देव भाषा कहा जाता है। संस्कृत लगभग सभी वेदों और पुराणों की भाषा है। इसलिए संस्कृत भाषा के प्रति लोग आदर का भाव रखते हैं। हमारे धार्मिक ग्रंथ और मंत्र अधिकतर इसी भाषा में वर्णित है। श्रावणी पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला संस्कृत दिवस अपने आप में बहुत अनूठा दिन है, क्योंकि किसी भी अन्य प्राचीन भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार नहीं मनाया जाता है। 
 
इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है कि भारतीय धर्म संस्कृति ने संस्कृत को 'देव भाषा' का दर्जा दिया गया है, बावजूद इसके यह भाषा अब अपना वजूद खोती जा रही है। अब भारत में भी विदेशी भाषाओं और अंग्रेजी का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण संस्कृत को पढ़ने वाले, लिखने वाले और समझने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। इसलिए भारतीय समुदाय या समाज को संस्कृत की महत्ता और आवश्यकता को याद दिलाने और जनमानस में इसका महत्व बढ़ाने के लिए संस्कृत दिवस एवं एवं संस्कृत सप्ताह मनाया जाता है। 
 
इस दिन श्रावणी पूर्णिमा अथवा रक्षाबंधन पर ऋषियों-मुनियों के स्मरण करने तथा उनका पूजन करके समर्पण का भाव रखा जाता है और हमारे ऋषि-मुनि ही संस्कृत साहित्य के आदि स्रोत हैं, अत: श्रावणी पूर्णिमा को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है तथा इसे ऋषि पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। 
 
इस दिन को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केन्द्रीय तथा राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश सन् 1969 में जारी किया गया था। तभी से संपूर्ण भारत में संस्कृत दिवस को श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसके लिए श्रावण पूर्णिमा का दिन चुनने का कारण हमारे प्राचीन भारत में इसी दिन शिक्षण सत्र शुरू  करने तथा वेद पाठ का शुभारंभ होता था और विद्यार्थी भी इसी दिन से शास्त्रों के अध्ययन का प्रारंभ किया करते थे। 
 
संस्कृत दिवस के दिन कई स्थानों पर संस्कृत का महत्व बढ़ाने के लिए इस भाषा में कवि सम्मेलन, लेखक गोष्ठी, भाषण तथा श्लोक उच्चारण आदि कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, हालांकि अभी कोरोना काल में यह संभव न होने कारण ऑनलाइन स्तर पर इसे मनाया जा सकता है। इतना ही नहीं संस्कृत के विद्यार्थियों द्वारा गांवों में तथा शहरों में झांकियों का आयोजन भी किया जाता हैं, ताकि संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार हो सकें। आजकल विदेशों में भी संस्कृत दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Holika Dahan 2026: कर्ज से हैं परेशान, होली की रात्रि है समाधान, पढ़ें 2 चमत्कारिक उपाय

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

होलिका दहन और होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, जानें 4 काम की बातें

भारत में खाटू श्याम बाबा के 10 बड़े मंदिर, क्या आप जानते हैं 3 मूल मंदिर कहां है?

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 फरवरी, 2026)

28 February Birthday: आपको 28 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 फरवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

अगला लेख