कोटा का वह मंदिर जहां हनुमानजी खुद ही पर्चा बनाकर देते हैं, जानें चमत्कार

WD Feature Desk
गुरुवार, 27 जून 2024 (11:21 IST)
Kota Hanuman Temple
Miraculous Hanuman Temple of  Kota : भारत में सैंकड़ों चमत्कारी मंदिर है। उनमें से हनुमानजी के मंदिर तो और भी ज्यादा सिद्ध, जागृत और चमत्कारी माने जाते हैं। उन्हीं में से एक है कोटा के पास चमत्कारेश्वर हनुमानजी का मंदिर। जिस तरह हनुमानजी की शक्ति के बल पर बागेश्‍वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर्चा बनाकर उसका भूत भविष्य बता देते हैं, उसी तरह इस मंदिर में तो साक्षात हनुमानजी ही ये चमत्कार करते हैं।ALSO READ: हनुमानजी को लंका के समुद्र तक पहुंचाने वाली तपस्विनी कौन थीं, जो श्रीराम के दर्शन कर चली गईं परमधाम
 
कहां स्थित है यह मंदिर : कोटा से 15​ किलोमीटर दूर नान्ता गांव स्थित चमत्कारेश्वर हनुमान मंदिर। इस मंदिर में पूरे हाड़ौती क्षेत्र से भक्त आते हैं। इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भीड़ उमड़ती है। कहते हैं कि इस मंदिर में ​स्थापित हनुमानजी की मूर्ति चंबल ​नदी से निकली थी
 
कैसे होता है चमत्कार : यहां के पुजारी का दावा है कि यहां हनुमानजी खुद पर्चे पर लिखकर भक्तों के सवालों का जवाब देते हैं। मुख्य पुजारी एक कोरे कागज को हनुमानजी की छाती पर लगा देते हैं। कुछ देर बाद उसे निकालते हैं तो पर्चे पर सिंदुर से भक्ति के सवालों का उत्तर लिखा हुआ मिलता है। दोपहर 12 बजे तक ही यह क्रम चलता है उसके बाद नहीं।ALSO READ: Hanuman kripa: इन 10 लक्षणों से जानें कि हनुमानजी के दूत हैं आपके आसपास
 
यहां पर जिस भी श्रद्धालु का नंबर आता है वह मूर्ति के सामने आंखे बंद करके मन ही मन अपनी समस्याओं को दोहराते हैं और फिर पुजारी जी उनके नाम का ब्लैंक पेपर सभी को दिखाने के बाद हनुमानजी की छाती पर चिपका देते हैं। कुछ ही देर बाद निकालने पर उसमें समस्या का समाधन लिखा हुआ आ जाता है। यानी थोड़ी ही देर बाद हनुमानजी उस पेपर पर केसर-सिन्दूर से लिखित जवाब पुजारी जी के मार्फत भक्तों तक पहुंचा देते हैं। कहते हैं कि 35 सालों से यह सिलसिला जारी है। ALSO READ: Hanuman chalisa: यदि इस तरह से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा तो इसका नहीं मिलेगा लाभ

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुड़ी पड़वा से शुरू हो रही है 8 दिन की चैत्र नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानिए फल

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

जानिए कब शुरू हो रही है केदारनाथ समेत चार धाम की यात्रा

51 शक्तिपीठों में से एक है कोलकाता का कालीघाट मंदिर, सोने से बनी है मां काली की जीभ

सभी देखें

धर्म संसार

चैत्र नवरात्रि 2025: नवरात्रि के पहले दिन भूलकर भी न करें ये 10 काम, बढ़ सकती हैं परेशानियां

29 मार्च को शनि और राहु की युति से बन रहा है पिशाच योग, बचने के 10 उपाय

पापमोचनी एकादशी कब है, क्या है इसका महत्व?

सूर्य ग्रहण और शनि के मीन राशि में प्रवेश का दुर्लभ संयोग, क्या होगा देश दुनिया का हाल? कौनसी 6 राशियां रहेंगी बेहाल?

पापमोचनी एकादशी व्रत की पूजा विधि, उपवास रखने के मिलेंगे 10 फायदे

अगला लेख