Biodata Maker

क्यों संविधान की मूल प्रति को हीलियम गैस से भरे चैंबर में रखा गया है, जानिए कारण

WD Feature Desk
शनिवार, 18 जनवरी 2025 (07:00 IST)
Republic Day 2025: गणतंत्र दिवस के जुड़े कई सारे ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी आपको होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान की मूल प्रति किसने लिखी थी और यह आज कहां है? बहुत कम लोग जानते होंगे कि भारत का संविधान हाथों से लिखा गया है। इसे दिल्ली के रहने वाले प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने इटैलिक स्टाइल में खूबसूरत कैलिग्राफी में लिखा था। हस्तलिखित इस संविधान पर 24 जनवरी, 1950 को 284 संसद सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। हाथ से लिखी गई इस संविधान की मूल प्रति आज भी सुरक्षित है जिसे भारत की राजधानी नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखा गया है जिसे लोग देख सकते हैं। संविधान की मूल प्रति को संरक्षित रखने के लिए इसे विशेष रूप से तैयार हीलिअम गैस के चैंबर में रखा गया है। आइये गणतंत्र दिवस के मौके पर हम आपको बताते हैं इसके पीछे क्या है वजह। 


 हीलियम गैस क्यों?
सुरक्षा के अन्य उपाय
ALSO READ: क्या दिल्ली का लाल किला कभी था सफेद! जानिए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी
संविधान की मूल प्रति की विशेषताएं
संरक्षण का महत्व
संविधान भारत का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह हमारे देश के नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है। इसलिए, इसे सुरक्षित रखना बहुत महत्वपूर्ण है। हीलियम गैस से भरे चैंबर में रखकर, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक दस्तावेज को देख सकेंगी।

संविधान की मूल प्रति को हीलियम गैस से भरे चैंबर में रखना एक वैज्ञानिक तरीका है, जिसके माध्यम से हम इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को सुरक्षित रख सकते हैं। यह हमारे देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने का एक प्रयास है।

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कोलकाता में पीएम मोदी का बड़ा आरोप, रैली में आने वालों को TMC ने कहा 'चोर'

लुधियाना के युवक की युद्ध में मौत, नौकरी के लिए गया था रूस, कर्ज लेकर भेजा था विदेश

योगी सरकार की इस योजना ने बदली सुजाता की तकदीर, अलीगढ़ की महिलाओं का पूजा किट अब देशभर में मशहूर

गुजरात के किसानों के लिए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल का बड़ा निर्णय, नहरों में अप्रैल अंत तक चालू रहेगा पानी

कहां गायब हुआ प्रेमानंद महाराज का भक्‍त, इंदौर से हुआ था लापता, दूसरे दिन भी नहीं चला पता, देहरादून निकला परिवार

सभी देखें

नवीनतम

रामानंद सागर की बहू निशा पहुंचीं अयोध्या, राम मंदिर में रामलला के किए दर्शन

कांग्रेस की 'दलित नीति' के खिलाफ कांशीराम ने लिखी थी पूरी किताब, राहुल को 'चमचा युग' पढ़नी चाहिए : असीम अरुण

ईरान के प्रतिनिधि इलाही का बड़ा बयान, बोले- बातचीत के बीच हुआ हमला, हम युद्ध नहीं चाहते, अमेरिका पर की यह टिप्‍पणी

गैस संकट के बीच मुख्यमंत्री पटेल ने लिया बड़ा फैसला, हर घर पहुंचेगा सिलेंडर

क्या है यूपी सरकार का यू-हब? बदलेगा नवाचार और उद्यमिता का परिदृश्य

अगला लेख