khatu shyam baba

Hindi Love Poem: तुम -मेरी सबसे अनकही कविता

सुशील कुमार शर्मा
सोमवार, 19 मई 2025 (14:50 IST)
प्रेम कविता
 
तुम
न कोई प्रसिद्धि, न कोई मंच,
पर फिर भी
मेरे भीतर की सबसे पूर्ण कविता।
तुम्हारी सादगी
किसी छंद की नहीं,
एक अनुभूति की तरह
हर दिन मेरे भीतर उतरती रही।
 
मैंने तुम्हें देखा
बिना किसी सजावट के,
बिना किसी भूमिका के,
बस एक मुस्कान में लिपटी
वो स्त्री जो
जैसे जीवन को समझती नहीं,
बल्कि उसे जीती है।
 
तुम्हारे चलने की धीमी गति में
मुझे अपना भविष्य दिखा- 
जहां समय ठहर सकता है
अगर तुम साथ चलो।
 
तुम कोई कवयित्री नहीं,
लेकिन तुम्हारे मौन में
शब्दों से ज़्यादा अभिव्यक्तियां थीं।
 
एक झिझकती दृष्टि,
एक संकोच से झुकी पलकों में
प्रेम की भाषा थी
जिसे बस महसूस किया जा सकता था।
 
मैं तुम्हें चाहता हूं
तुम्हारे उसी रूप में
जहाँ तुम अपनी हो,
दुनिया की नहीं।
न किसी उपमा की ज़रूरत,
न किसी विशेषण की-
तुम ही पूरी हो,
मेरे लिए।
 
क्या तुम मुझे
उस क्षण का अधिकार दोगी
जब प्रेम को कोई नाम न हो,
सिर्फ एक मौन स्वीकृति हो-
कि 'हां, मैं भी चाहती हूं'?
 
मैं नहीं चाहता
कोई उत्तर, कोई वचन-
सिर्फ तुम्हारी उपस्थिति
मेरे जीवन की सबसे सुंदर कविता है,
जो अब तक लिखी नहीं गई,
पर जिया जा रहा है-
हर दिन,
तुम्हारे नाम से पहले और बाद में।
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

National Science Day: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

PM मोदी के इजरायल दौरे में भारत की रक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत , भारत को हथियार नहीं, तकनीक चाहिए

अगला लेख