भारत के 10 रहस्यमयी संत

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
शुक्रवार, 25 अगस्त 2017 (12:00 IST)
आधुनिक भारत में संत को कई हुए जैसे महर्षि अरविंद, एनी बेसेंट, महर्षि महेश योगी, दादा लेखराज, मां अमृतामयी, सत्य सांई बाबा, स्वामी शिवानंद, श्रीराम शर्मा आचार्य, स्वामी रामतीर्थ, स्वामी कुवलयानंद, मेहर बाबा, राघवेंद्र स्वामी, श्रीकृष्णामाचार्य, शीलनाथ बाबा, दादाजी धूनी वाले, देवहरा बाबा, आनंदमूर्ति बाबा, रमन महर्षि, श्रीशिव दयालसिंह, आचार्य तुलसी आदि। इसी क्रम में हम लाएं है 10 अन्य रहस्यदर्शी संतों का संक्षिप्त परिचय।
 
1.जे. कृष्णमूर्ति
*जिद्दू कृष्णमूर्ति का जन्म 11 मई 1895 को मदनापाली आंध्रप्रदेश के मध्यम वर्ग परिवार में हुआ था।
*जॉर्ज बर्नाड शॉ, एल्डस हक्सले, खलील जिब्रान, इंदिरा गांधी आदि अनेक महान हस्तियां उसके विचारों से प्रभावित थीं।
*उन्होंने 1986 में अमेरिका में 91 वर्ष की उम्र में देह छोड़ दी।

2.ओशो रजनीश
*ओशो रजनीश ऊर्फ चंद्रमोहन जैन का जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के कुचवाड़ा में हुआ।
*21 मार्च को उन्हें संबोधी घटित हुई। 19 जनवरी 1990 को पूना में उन्होंने देह छोड़ दी। 
*कहते हैं कि अमेरिका की रोनाल्ड रीगन सरकार ने उन्हें जहर देकर मार दिया था।
 
3.स्वामी प्रभुपादजी
* स्वामी प्रभुपादजी का जन्म 1 सितम्बर 1896 को कोलकाता में हुआ।
*14 नवम्बर 1977 को वृंदावन में 81 वर्ष की उम्र में उन्होंने देह छोड़ दी।
*स्वामी प्रभुपादजी ने ही इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णाकांशसनेस अर्थात इस्कॉन की स्थापना की थी।

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4.रामकृष्ण परमहंस
* स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म बंगाल के हुगली जिले के कामारपुकुर गांव में 20 फरवरी 1836 में हुआ।
*16 अगस्त 1886 को उनका महाप्रयाण हो गया।
*रामकृष्ण परमहंस के कई शिष्यों में से एक स्वामी विवेकानंद का नाम प्रमुख है। 
 
5.परमहंस योगानंद
*परमहंस योगानंद ऊर्फ मुकुंद घोष का जन्म 5 जनवरी 1893 को गोरखपुर (उत्तरप्रदेश) में हुआ।
*7 मार्च 1952 को योगानंद का लॉस एंजिल्स में निधन हो गया। 
*आपकी ख्‍यात पुस्तक है 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी,' यह कृति हिंदी में 'योगी कथामृत' के नाम से उपलब्ध है।
 
6.दयानंद सरस्वती 
स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 में एवं मृत्यु 30 अक्टूबर 1883 में हुई।
बारह वर्ष की आयु में उन्होंने मथुरा के स्वामी विरजानंद से दीक्षा ग्रहण की।
अपने गुरु की आज्ञा से 1875 को उन्होंने आर्य समाज की स्थापना की।
 
7.गजानन महाराज
*गजानन महाराज का जन्म कब हुआ, उनके माता-पिता कौन थे, इस बारे में किसी को कुछ भी पता नहीं।
*शेगांव में 23 फरवरी 1878 में बनकट लाला और दामोदर नमक दो व्यक्तियों ने देखा। वे तभी से वहीं रहे।  
*मान्यता के अनुसार 8 सितंबर 1910 को प्रात: 8 बजे उन्होंने शेगांव में समाधि ले ली।
 
8.शिर्डी के सांई बाबा
*ऐसा विश्वास है कि सन्‌ 1835 में महाराष्ट्र के परभणी जिले के पाथरी गांव में सांईं बाबा का जन्म भुसारी परिवार में हुआ था।
*इसके पश्चात 1854 में वे शिर्डी में ग्रामवासियों को एक नीम के पेड़ के नीचे बैठे दिखाई दिए।     
*बाबा की एकमात्र प्रामाणिक जीवनकथा 'श्री सांईं सत्‌चरित' है जिसे श्री अन्ना साहेब दाभोलकर ने सन्‌ 1914 में लिपिबद्ध किया।
*15 अक्टूबर 1918 तक बाबा शिर्डी में अपनी लीलाएं करते रहे और यहीं पर उन्होंने देह छोड़ दी।   
 
9.लाहिड़ी महाशय
*परमहंस योगानंद के गुरु स्वामी युक्तेश्वर गिरी लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे।
*श्यामाचरण लाहिड़ी का जन्म 30 सितंबर 1828 को पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर के घुरणी गांव में हुआ था।
*26 सितंबर 1895 को लाहिड़ी महाशय का देहांत वाराणसी में हो गया।
*कहते हैं कि 'पुराण पुरुष योगीराज श्री श्यामाचरण लाहिड़ी' नामक पुस्तक में कई रहस्य छिपे हुए हैं।
 
10.नीम करौली बाबा
*उत्तरप्रदेश के अकबरपुर गांव में नीम करौली बाबा का जन्म 1900 के आसपास हुआ।
*11 सितंबर 1973 को आपने वृंदावन में देह त्याग दी। आपका समाधि स्थल नैनीताल के पास पंतनगर में है।
*नीम करौली बाबा के भक्तों में एप्पल के मालिक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्क और हॉलीवुड एक्ट्रेस जुलिया रॉबर्ट्स का नाम भी लिया जाता है।

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