rashifal-2026

shani jayanti 2024 : शनि जयंती पर कैसे करें पूजा, पूजन का शुभ मुहूर्त और मंत्र

WD Feature Desk
बुधवार, 5 जून 2024 (16:16 IST)
shani jayanti 6 june
 
 
 
Shani jayanti : हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2024 में शनि जयंती का पर्व 06 जून, दिन गुरुवार को मनाया जा रहा है। ये दिन बहुत ही खास हैं क्योंकि इस दिन दो पर्व एकसाथ मनाए जाते हैं। 
 
पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है, क्योंकि इसी दिन भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था। इसी दिन वट सावित्री अमावस्या भी मनाई जाती हैं। इस दिन शनि मंदिर में बैठकर शनि मंत्रों का जाप करने का बहुत महत्व है। आइए जानते हैं पूजा विधि, मंत्र और मुहूर्त के बारे में.... 
 
शनि जयंती 2024 पर पूजन का शुभ मुहूर्त : Shani jayanti Puja Muhurat 
 
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या तिथि का प्रारम्भ- बुधवार, 05 जून 2024 को शाम 07 बजकर 54 मिनट से।  
 
अमावस्या तिथि की समापन- गुरुवार, 06 जून 2024 को सायं 06 बजकर 07 मिनट कर।  
 
आज का शुभ समय : Shani jayanti Shubh Samay 
 
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04 बजकर 02 से 04 बजकर 42 तक
 
प्रातः सन्ध्या: प्रात: 04 बजकर 22 से 05 बजकर 23 तक
 
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 52 से 12 बजकर 48 तक
 
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 39 से 03 बजकर 35 तक
 
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07 बजकर 16 से 07 बजकर 36 तक
 
सायाह्न सन्ध्या: शाम 07 बजकर 17 से 08 बजकर 18 तक।  
 
ALSO READ: शनि जयंती 2024 : शनि महाराज के प्रकोप से बचने के 10 अचूक उपाय

पूजा विधि: Puja Vidhi 
 
1. शनि जयंती पर प्रात: उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर पूजा स्थान की साफ-सफाई करें और व्रत का संकल्प लें।
 
2. फिर लकड़ी के पाटे पर काला/ लाल कपड़ा बिछा कर उस पर शनिदेव की मूर्ति या फोटो स्थापित करें।
 
3. अब इसके समक्ष दीप जलाएं।
 
4. अब शनि मूर्ति पर सरसों का तेल, पुष्प माला, काली उड़द और तिल चढ़ा कर पंचोपचार या षोडोपचार पूजा करें।
 
5. उनके चरणों  में फिर प्रसाद अर्पित करें।  
 
6. अब शनिदेव की आरती उतारें। 
 
7.  इस दिन शनि चालीसा का पाठ करें, और पुनः शाम को आरती करके प्रसाद का वितरण करें।  
 
शनि मंत्र : shani mantra 
 
- ॐ एं श्री श्री शनैश्चराय
 
- ॐ शं शनैश्चराय नम: 
 
का 108 बार जाप करें।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि की खास साधना और पूजा विधि, जानें जरूरी नियम और सावधानियां

मकर राशि में बना बुधादित्य और लक्ष्मी योग, इन 3 राशियों पर बरसेगा अचानक धन

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि की दस महाविद्याएं और उनका महत्व

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में मां कालिका की यह साधना क्यों मानी जाती है खास? जानिए रहस्य

Rath Saptami 2026: रथ सप्तमी का अर्थ, आरती, पूजा विधि, चालीसा और लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

22 January Birthday: आपको 22 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जनवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर करें ये 5 अचूक उपाय, बुद्धि और ज्ञान का खुल जाएगा ताला

बसंत पंचमी का अर्थ, सरस्वती पूजा विधि, आरती और लाभ | Basant panchami aarti puja vidhi labh

अगला लेख