Hanuman Chalisa

पांडु पहाड़ी पर गुफा मंदिर के भीतर स्थित शिवलिंग पर शिव के 12 मुख

Webdunia
शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020 (14:14 IST)
बैराठ। राजस्थान प्रांत के जयपुर जिले में अरावली की पहाड़ियों में बैराठ नामक एक नगर है जिसे प्राचीनकाल में विराटनगर कहा जाता था। कहते हैं कि यहां पांचों पांडवों ने अपने अज्ञातवास का समय बिताया था। इस दौरान उन्होंने वहां एक शिवलिंग की स्थापना की थी। इस शिवलिंग की खासियत यह है कि इसके 12 मुख हैं।

  
 
पांडवों ने बैराठ नगर जाते समय फिरोजपुर झिरका के उत्तर पश्चिम में स्थित एक गुफा में कुछ समय व्यतीत किया था और यहां पवित्र शिवलिंग की स्थापना कर पूजा अर्चना की थी। लोगों का कहना है कि सन 1876 में तत्कालीन तहसीलदार जीवन लाल शर्मा को रात में सपना आया कि अरावली की पहाड़ियों में शिवलिंग विराजमान हैं। सपने में दिखे रास्ते का अनुसरण करते हुए तहसीलदार ने शिवलिंग खोज निकाला और वहां पूजा अर्चना शुरू कर दी।
 
दिल्ली से मात्र 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर पर पहुंचने का रास्ता सुंदर मनोरम पहाड़ियों से होकर गुजरता है। एक तरफ अरावली पर्वत की श्रृंखलाओं की हरियाली तो दूसरी ओर पहाड़ियों के बीच से कल-कल कर बहता प्राकृतिक झरना मन को खुश कर देता है। 

प्रोफेसर पवन कुमार सिंघ
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख