Hanuman Chalisa

Maha shivratri Upay : महाशिवरात्रि के 10 अचूक उपाय, धन, सुख और समृद्धि चाहिए तो जरूर आजमाएं

Webdunia
पं. दयानंद शास्त्री

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर्व रात्रि व्यापिनी होने पर विशेष फल मिलता हैं। फाल्गुन कॄष्ण पक्ष त्रयोदशी को देवाधिदेव महादेव को पूजने का यह परम पवित्र महापर्व महाशिवरात्रि बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
 
इस बार महाशिवरात्रि के दिन श्रवण नक्षत्र का साक्षी सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग एवं त्रयोदशी प्रदोष का योग बना है, जो शिवभक्तों के लिए बेहद फलदायी होगा। यह संयोग अत्यंत दुर्लभ है। इस संयोग में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का पाठ करें। शिव विशेष वरदान देते हैं।
 
भगवान शिव को औघड़ और भोलेनाथ भी कहा जाता है, लेकिन शिव जितने भोले और आसानी से प्रसन्न होने वाले हैं, उनका गुस्सा भी उतना ही प्रलयंकारी है। कहते हैं कि जिस दिन शिव ने अपनी तीसरी आंख खोल दी, उसी दिन दुनिया का अंत निश्चित है।
 
पौराणिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति वर्षभर कोई व्रत उपवास नहीं रखता है और वह मात्र महाशिवरात्रि का व्रत रखता है तो उसे पूरे वर्ष के व्रतों का पुण्य प्राप्त हो जाता है। शिवरात्रि पर 4 प्रहर की पूजा अत्यंत फलदायी होती है। शिवरात्रि पर 4 प्रहर की पूजा से सभी प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती हैं।
 
महाशिवरात्रि पर इन 10 उपायों को आजमाएं 
 
इसी दिन भगवान‌ शिव अर्द्धरात्रि में ब्रह्माजी के अंश से लिंग रूप में प्रकट हुए थे। कई जगहों पर मान्यता है कि इसी दिन भोलेनाथ का गौरा माता से विवाह हुआ था। इस दिन विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का पूजा-अर्चन किया जाए तो सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 
 
*शिवरात्रि पर घर में पारद के शिवलिंग की स्थापना योग्य ब्राह्मण से सलाह कर स्थापना कर प्रतिदिन पूजन कर सकते हैं। इससे आमदनी बढ़ने के योग बनते हैं।
* शिवरात्रि पर गरीबों को भोजन कराएं। इससे घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी और पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।

* पानी में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें व 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का जप करें। इससे मन को शांति मिलेगी।
* शिवरात्रि के दिन आटे से 11 शिवलिंग बनाएं व 11 बार इनका जलाभिषेक करें। इस उपाय से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
* शिवलिंग का 101 बार जलाभिषेक करें। साथ ही ॐ हौं जूं सः। ॐ भूर्भुवः स्वः। ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्व्वारुकमिव बन्धानान्मृत्यो मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ। सः जूं हौं ॐ। मंत्र का जप करते रहें। इससे बीमारी ठीक होने में लाभ मिलता है।
*शिवरात्रि पर 21 बिल्व पत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।
*शिवरात्रि पर नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और परेशानियों का अंत होगा।
*शिवरात्रि पर भगवान शिव को तिल व जौ चढ़ाएं। तिल चढ़ाने से पापों का नाश व जौ चढ़ाने से सुख में वृद्धि होती है।
*अगर विवाह में अड़चन आ रही है तो शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिलाकर दूध चढ़ाएं। जल्दी ही विवाह हो सकता है।
* मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। इस दौरान भगवान शिव का ध्यान करते रहें। इससे धन की प्राप्ति होती है।

सम्बंधित जानकारी

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

गुरु प्रदोष व्रत 2026: जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

अपरा एकादशी को क्यों कहते हैं अचला एकादशी, जानिए दोनों का अर्थ और फायदा

अगला लेख