Hanuman Chalisa

shradh 2020 : अत्यंत दुर्लभ व शुभ होता है श्राद्ध में 'गजच्छाया योग'

पं. हेमन्त रिछारिया
Shradh Paksh 2020
 
शास्त्र का वचन है- 'श्रद्धया इदं श्राद्धम' अर्थात् श्रद्धापूर्वक अपने पितरों के निमित्त किया गया कर्म ही श्राद्ध है। प्रतिवर्ष श्राद्ध पक्ष (महालय) भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक रहता है। 
 
इस अवधि में सनातनधर्मी अपने पितरों के निमित्त श्राद्धकर्म करते हैं। श्राद्ध के लिए गया, पुष्कर, प्रयाग, हरिद्वार व ब्रह्मकपाली (बद्रीनाथ) आदि तीर्थों का विशेष महत्व है। इसके अतिरिक्त किसी पवित्र नदी के तट पर भी श्राद्ध करने का विधान शास्त्रों में निर्देशित है। श्राद्ध कर्म करने के लिए महालय अर्थात श्राद्ध पक्ष ही सर्वोत्तम है किंतु यदि श्राद्ध पक्ष में 'गजच्छाया-योग' मिल जाए तो यह अत्यंत ही उत्तम व सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त बन जाता है। 
 
श्राद्ध पक्ष के अतिरिक्त भी यदि 'गजच्छाया योग' मिले तो उसमें श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। 'गजच्छाया योग' अत्यंत दुर्लभ होता है व कई वर्षों के उपरांत बनता है। इस योग में श्राद्ध करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों को सद्गति मिलती है।
 
कब बनता है 'गजच्छाया योग'- जिस दिन त्रयोदशी तिथि को मघा नक्षत्र हो एवं सूर्य हस्त नक्षत्र पर हो उस दिन 'गजच्छाया-योग' का निर्माण होता है। 'गजच्छाया योग' में श्राद्ध करने से अनंत पुण्य मिलता है। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष में यह योग नहीं बन रहा है।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 
ALSO READ: क्यों मनाया जाता है महालक्ष्मी व्रत, लोककथा

ALSO READ: घर में हाथी की प्रतिमा रखने के 5 फायदे

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख