Hanuman Chalisa

अष्टसखी : सुदेवी सखी श्रीकृष्ण और श्रीराधा को पानी पिलाने का करती है कार्य

अनिरुद्ध जोशी
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार श्रीजी राधारानी की 8 सखियां थीं। अष्टसखियों के नाम हैं- 1. ललिता, 2. विशाखा, 3. चित्रा, 4. इंदुलेखा, 5. चंपकलता, 6. रंगदेवी, 7. तुंगविद्या और 8. सुदेवी। राधारानी की इन आठ सखियों को ही "अष्टसखी" कहा जाता है। श्रीधाम वृंदावन में इन अष्टसखियों का मंदिर भी स्थित है। आओ इस बार जानते हैं सुदेवी के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
1. सुदेवी का अंग सोने के समान है।
2. वे मूंगे के रंग की साड़ी धारण करती हैं।
3. वह श्रीराधीजी की सुंदर वेणी बनाने में कुशल है।
4. वह श्रीराधाजी और श्रीकृष्ण को जल पिलाने की सेवा करती हैं।
5. सुदेवी आरावली पर्वत श्रेणी के सुनहरा गांव की रहने वाली है।
6. सुदेवी को हरिप्रिया भी कहा गया है।
7. सुदेवी सखी श्रीराधाजी के केश विन्यास, आंखों में अंजन, गात्र मर्दन करना आदि का कार्य भी करती हैं।
8. सुदेवी सखी शुकों को शिक्षण-प्रशिक्षण देना, शकुन विद्या और बागवानी करने में निपुण हैं।
 
जल निर्मल पावन सुरभित से
करती जो सेवा अभिराम।
ललित लाड़िली की जो करती
बेणी रचना परम ललाम। (महाभाव कल्लोलिनी)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

09 January Birthday: आपको 9 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 जनवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

लोहड़ी पर किस देवता की होती है पूजा?

अगला लेख