Hanuman Chalisa

बड़ा मंगल पर हनुमान जी के लिए घर पर बनाएं ये खास भोग, नोट करें रेसिपी

WD Feature Desk
मंगलवार, 28 मई 2024 (16:54 IST)
Highlights : 
 
घर पर इस सरल विधि से बनाएं इमरती। 
इमरती बनाने की आसान विधि।  
घर पर कैसे बनाएं रसीली इमरती। 

ALSO READ: क्या कभी खाया है केले का रायता? जानें विधि
 
Hanuman jee bhog: ज्येष्ठ मास में हनुमान जी के पूजन के लिए जाने वाले खास दिन यानि बड़ा मंगल मनाया जाता हैं। आप भी इस महीने में हनुमान जी को कुछ खास भोग लगा कर उन्हें प्रसन्न कर सकते है। यहां प्रस्तुत हैं रसीली इमरती बनाने की रेसिपी.... 
 
नैवेद्य : रसीली इमरती

सामग्री : 
250 ग्राम छिल्केरहित उड़द की दाल, 
50 ग्राम अरारोट, 
500 ग्राम शकर, 
1 चुटकी मीठा पीला रंग, 
तलने के लिए घी, 
जलेबी बनाने वाला गोल छेद वाला एक रूमाल
या 
एक मोटा कपड़ा। 
 
विधि :
 
सबसे पहले उड़द की दाल को धोकर 4-5 घंटे पानी में गलाइए। 
 
पानी निथार लें और मिक्सी में हल्का-सा पानी का छींटा देकर चिकना पीसिए। 
 
पिसी हुई दाल में पीला रंग और अरारोट मिलाकर खूब अच्छी तरह फेंटिए। 
 
अब शकर की डेढ़ तार की चाशनी बनाइए। 
 
एक समतल कढ़ाई लेकर उसमें घी गर्म करें। 
 
जलेबी बनाने वाले कपड़े में फेंटी हुई दाल का थोड़ा घोल भरें। 
 
मुट्ठी से कपड़ा बंद कर तेज आंच पर गोल-गोल कंगूरेयुक्त इमरती बनाकर कुरकुरी तलिए। 
 
फिर झारे से निथारकर इन्हें चाशनी में डुबोकर निकाल लें। 
 
लीजिए घर पर बनी रसीली इमरती तैयार है। 
 
अब इस मिठाई से किसी भी खास अवसर पर भगवान भोग लगाएं। 
 
नोट : पिसी हुई दाल को पीसने के लिए आप थाली या परात भी उपयोग में ले सकते हैं, इससे हथेली की सहायता से फेंटने में आसानी रहेगी। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

नास्तिकता बस एक मिथ्या भाव है

Chandra Shekhar Azad: आजाद शहीद दिवस, जानें महान क्रांतिकारी के बारे में 10 अनसुने तथ्य

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

Vinayak Damodar Savarkar: वीर सावरकर की क्या है कहानी, जानें उनका योगदान

अहिंसा की जन्नत बनता गांधी का देश

अगला लेख