Hanuman Chalisa

जन्माष्टमी विशेष : पंचामृत के भोग से खुश होंगे कन्हैया, देंगे वरदान

Webdunia
Panchamrut Recipes
 
जन्माष्टमी के दिन प्रसाद के रूप में भगवान श्री कृष्ण को नैवेद्य / भोग में पंचामृत अवश्‍य चढ़ाना चाहिए। दूध, दही, घी, शहद, शकर को मिलाकर पंचामृत बनाया जाता है। पंचामृत का अर्थ है 'पांच अमृत'। पांचों प्रकार के मिश्रण से बनने वाले पंचामृत से श्र‍ीकृष्ण प्रसन्न होते है। 
 
आइए जानें पंचामृत बनाने की सरल एवं पारंपरिक विधि :-
 
सामग्री : 
 
250 मिली गाय का दूध (ताजा), 2 टेबल चम्मच मिश्री पिसी हुई, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच देशी घी, 2 चम्मच ताजा दही, 2-3 तुलसी के पत्ते। 
 
विधि : 
 
1. सबसे पहले गाय के ताजे दूध में पिसी मिश्री, शहद, दही एवं घी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। 
 
2. इसमें तुलसी के पत्ते मिलाएं। 
 
3. पंचामृत तैयार है।
 
इस प्रकार दूध, चीनी, शहद दही और घी आदि पांच अमृतों को मिलाकर ही पंचामृत बनाया जाता है। पंचामृत का सेवन कई रोगों में लाभदायक और मन को शांति प्रदान करने वाला होता है। इसके सेवन से स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।

ALSO READ: Janmashtami Food : इन 7 खास भोग से भगवान श्रीकृष्ण होंगे प्रसन्न

ALSO READ: श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है मावा-मिश्री की मिठाई, पढ़ें विधि

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या एक पुत्र भी गुरु हो सकता है? माता देवहूति का अद्भुत जीवन

Low Blood Sugar: हाइपोग्लाइसीमिया, बॉडी में शुगर कम होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं?

Indian Gooseberry: आंवला का जादू: रोज एक आंवला खाने से बालों और आंखों में होंगे ये 7 बड़े बदलाव

मृत्युपूर्व चेतना के लौटने का चमत्कार

बहुत ज्यादा सोचते हैं (Overthinking)? दिमाग को शांत और खुश रखने के लिए रोज करें ये 7 आसान योगासन

सभी देखें

नवीनतम

Rani Avanti Bai Lodhi: 20 मार्च, रानी अवंति बाई बलिदान दिवस, जानें 5 खास बातें

घर में यदि गैस और इंडक्शन दोनों नहीं है, तो इन 5 आसान तरीकों से फटाफट पकेगा खाना

यदि खत्म हो गई है गैस तो परेशान न हो, बिना LPG के जल्दी से बनाएं ये 5 आसान डिश

Jhulelal Jayanti 2026: वर्ष 2026 में झूलेलाल जयंती कब मनाई जाएगी?

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास, थीम, महत्व और उपभोक्ताओं के अधिकार

अगला लेख