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ATM, UPI, GST से लेकर बैंक जमा तक 1 अप्रैल से होंगे 10 बदलाव, आपकी जेब पर क्या होगा असर

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
बुधवार, 26 मार्च 2025 (19:16 IST)
Rules Changing From 1st April : 1 अप्रैल 2025 से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों, यूपीआई पेमेंट सर्विस, जीएसटी नियमों, बैंकिंग नीतियों और एटीएम से नकदी निकासी से लेकर कई सर्विस के नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का आप भी सीधा असर होगा। जानिए 1 अप्रैल 2025 से क्या-क्या बदलेगा।
 
1. क्या है ATM का नया नियम
कई बैंक 1 अप्रैल से अपनी ATM निकासी नीति में बदलाव करने जा रहे हैं। दूसरे बैंकों के ATM से पैसे निकालने की सीमा घटा दी गई है। नए नियम के तहत ग्राहक हर माह केवल 3 बार ही दूसरे बैंक के ATM से फ्री विड्रॉल कर पाएंगे। 1 मई से फाइनेंशियल ट्रांजैक्‍शंस के लिए अतिरिक्‍त 2 रुपए लगेंगे। कैश विड्रॉल के लिए भी फ्री लिमिट के बाद 17 रुपए की बजाय 19 रुपए चार्ज लगेगा।
 
2. बचत खातों में मिनिमम बैलेंस जरूरी 
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2025 से कई नए बैंकिंग नियम लागू करने की घोषणा की है। इसका सीधा असर SBI, PNB, Canara, HDFC जैसे सार्वजनिक और निजी बैंकों के खाताधारकों पर पड़ेगा। कुछ बैंकों ने बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। यदि खाताधारक न्यूनतम बैलेंस बनाए नहीं रखते हैं, तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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3. RuPay डेबिट कार्ड में बदलाव
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) अपने RuPay डेबिट सेलेक्ट कार्ड में नए फीचर्स जोड़ने जा रहा है।  इसमें एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, इंश्योरेंस कवर, ट्रेवल, फिटनेस और वेलनेस जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। ये बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।
 
4. मोबाइल रिसाइक्लिंग
भारत में दूरसंचार विभाग के नियमों के अनुसार यदि कोई मोबाइल नंबर 90 दिनों तक उपयोग में नहीं आता है तो उसे नए ग्राहक को अलॉट किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को मोबाइल रीसाइक्लिंग कहा जाता है। जब एक पुराना मोबाइल नंबर नए ग्राहक को दिया जाता है तो इससे जुड़े यूपीआई अकाउंट्स और ट्रांजेक्शंस में गड़बड़ी हो सकती है, जो भविष्य में गलत ट्रांजेक्शन का कारण बन सकती है।
 
5. बदल जाएंगे टैक्स नियम
टैक्स के नियमों में भी बदलाव हो रहा है। असेसमेंट ईयर 2025-26 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। नया टैक्स सिस्टम लागू हो गया है। हालांकि पुराना सिस्टम (80C बेनिफिट्स के साथ) अभी भी मौजूद है। आपको इसे चुनना होगा। अगर आप टैक्स भरते समय पुराने सिस्टम के बारे में नहीं बताते हैं तो आप अपने आप नए सिस्टम में चले जाएंगे। अगर आप 80C के तहत छूट पाना चाहते हैं तो आपको पहले से ही 80C में निवेश की योजना बनानी होगी।
 
6. लागू होगा पॉजिटिव पे सिस्टम
बैंकिंग धोखाधड़ी रोकने के लिए कई बैंक पॉजिटिव पे सिस्टम लागू कर रहे हैं। 5,000 रुपए से अधिक के चेक पेमेंट के लिए ग्राहक को चेक नंबर, डेट, पेयी का नाम और अमाउंट वेरिफाई कराना होगा।
 
7. बदल जाएंगे GST के नियम
1 अप्रैल से इनपुट टैक्स डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम लागू होगा। नए नियम के तहत व्यवसायों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इससे पूर्व कंपनियों के पास इस प्रणाली को अपनाने या न अपनाने का विकल्प था। अगर कोई व्यवसाय इस प्रक्रिया को नहीं अपनाता है, तो उसे ITC लाभ नहीं मिलेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
 
8. UPI के नियमों में बदलाव 
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई भुगतान प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (DIP) को लागू करने का निर्देश दिया है। इसमें मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (MNRL) का उपयोग किया जाएगा। इससे पुराने और निष्क्रिय मोबाइल नंबरों को यूपीआई डेटाबेस से हटाया जा सकेगा। बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSP) को 31 मार्च तक अपने सिस्टम को अपडेट करना होगा ताकि जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल अब नहीं किया जा रहा है, उन्हें यूपीआई सिस्टम से हटा दिया जाए। इस बदलाव के बाद निष्क्रिय मोबाइल नंबर से जुड़ा कोई भी यूपीआई अकाउंट काम नहीं करेगा।
 
9. LPG की कीमतें
हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाती है। सरकारी तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दरों के आधार पर नई दरें तय होती हैं। बदलाव का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर पड़ेगा। यदि कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा जबकि कमी होने से राहत मिलेगी।
 
10. डिजिटल बैंकिंग में AI का इस्तेमाल
डिजिटल बैंकिंग में भी कई बदलाव हो रहे हैं। AI बैंकिंग असिस्टेंट ग्राहकों को पैसे का प्रबंधन करने में मदद करेंगे। डिजिटल सलाह को बेहतर बनाया जा रहा है और मोबाइल सेवाएं बेहतर हो रही हैं। बैंक ग्राहकों की सहायता के लिए ऑनलाइन सुविधाएं और AI-पावर्ड चैटबॉट लॉन्च कर रहे हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे उपाय किए जा रहे हैं। इससे डिजिटल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। Edited by: Sudhir Sharma

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