khatu shyam baba

क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में UP को अग्रणी बनाने की तैयारी, CM योगी बोले- राष्ट्रीय स्तर का केंद्र विकसित किया जा सकता है

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026 (19:15 IST)
- क्वांटम अनुसंधान और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए उद्योग, अकादमिक और सरकार के साझा प्रयास पर जोर
- क्वांटम रिसर्च से रोजगार और वैश्विक निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी
- क्वांटम टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय स्तर का केंद्र विकसित किया जा सकता है
Chief Minister Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश सरकार ने क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस पहल के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते डीप टेक क्षेत्र में प्रदेश मजबूत दावेदारी प्रस्तुत करेगा। इस पहल में आईबीएम और आईआईटी कानपुर के साथ त्रिपक्षीय सहयोग मॉडल पर काम करने को लेकर बात आगे बढ़ने की संभावना बनती दिख रही है।
 
मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित आईबीएम ‘एआई जीओवीटेक इनोवेशन सेंटर’ के उद्घाटन अवसर पर कहा था कि देश का पहला कंप्यूटर आईआईटी कानपुर में स्थापित हुआ था, जिससे उत्तर प्रदेश का तकनीकी इतिहास जुड़ा है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अब क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में नई शुरुआत करना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि आईबीएम, आईआईटी कानपुर और राज्य सरकार मिलकर कार्य करें तो क्वांटम टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय स्तर का केंद्र विकसित किया जा सकता है।
ALSO READ: CM योगी के जर्मनी दौरे पर 200 करोड़ के MOU पर हुए हस्‍ताक्षर, UP में आधुनिक रेल अवसंरचना को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने पहले ही रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और मेडटेक जैसे क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में बजट प्रावधान किए हैं। वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यरत हैं। इसी क्रम में क्वांटम कंप्यूटिंग को अगला रणनीतिक क्षेत्र माना जा रहा है। आईआईटी कानपुर परिसर में क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध कराने और उद्योग जगत के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
 
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्तर प्रदेश में क्वांटम अनुसंधान और परीक्षण सुविधाएं विकसित होती हैं तो इससे उच्च स्तरीय शोध, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए नए कौशल और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को डीपटेक और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में उठाया गया यह कदम उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ALSO READ: UP में होली से पहले राज्यकर्मियों को मिलेगा वेतन, मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

क्या है क्वांटम कंप्यूटिंग

क्वांटम कंप्यूटिंग पारंपरिक कंप्यूटर से भिन्न तकनीक पर आधारित है। जहां सामान्य कंप्यूटर बिट पर आधारित होते हैं और प्रत्येक बिट का मान शून्य या एक होता है। इसके विपरीत क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट का उपयोग करते हैं, जो एक ही समय में शून्य और एक, दोनों अवस्थाओं में रह सकते हैं। इसे सुपरपोजिशन कहा जाता है। क्वांटम तकनीक का एक अन्य महत्वपूर्ण सिद्धांत एंटैंगलमेंट है, जिसके माध्यम से दो क्यूबिट आपस में इस तरह जुड़े होते हैं कि एक में बदलाव का प्रभाव दूसरे पर तुरंत पड़ता है।

इन विशेषताओं के कारण क्वांटम कंप्यूटर अत्यंत जटिल गणनाएं बहुत कम समय में कर सकते हैं। मेडिसिन अनुसंधान, साइबर सुरक्षा, जलवायु पूर्वानुमान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वित्तीय विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में इसकी व्यापक संभावनाएं मानी जा रही हैं।
ALSO READ: CM योगी ने अत्याधुनिक हाइड्रोजन संयंत्र का किया दौरा, यामानाशी में स्वच्छ ऊर्जा मॉडल से हुए प्रभावित

क्वांटम कंप्यूटिंग इकोसिस्टम से प्रदेश को होगा यह लाभ

- प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत अनुसंधान के केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
- क्वांटम तकनीक में काम करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां और टेक दिग्गज प्रदेश में निवेश करने को आकर्षित होंगे।
- डीप टेक आधारित स्टार्टअप, विशेषकर साइबर सुरक्षा, एआई, फिनटेक और हेल्थटेक क्षेत्र में तेजी से विकसित होंगे।
- क्वांटम शोध, इंजीनियरिंग, डाटा साइंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- आईआईटी कानपुर और अन्य तकनीकी संस्थानों को वैश्विक शोध सहयोग और प्रोजेक्ट मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
- जटिल बायोलॉजिकल डेटा के विश्लेषण से नई दवाओं और उपचार पद्धतियों के विकास में आएगी तेजी।
- मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्रों में जटिल गणनाओं के समाधान से उत्पादकता और दक्षता बढ़ेगी।
- बड़े डेटा संग्रहों और जटिल मॉडलिंग के जरिए नीति निर्माण अधिक विज्ञानपरक व प्रभावी बनेगा।
- क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई और डीपटेक के संयोजन से राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक टेक मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिलने की संभावना।
Edited By : Chetan Gour

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Pakistan की एयरस्ट्राइक का अफगानिस्तान ने लिया बदला, डूरंड लाइन के पास PAK पोस्ट पर हमले, भागे सैनिक, 15 चौकियों पर कब्जा

भारत ने 72 रनों से जिम्बाब्वे को हराकर किया टी-20 विश्वकप से बाहर

maglev train : हवाई जहाज से भी तेज, मैग्लेव ट्रेन की 5 बड़ी खूबियां जो इसे बनाती हैं भविष्य का ट्रांसपोर्ट, CM योगी भी हुए दंग

CM Pushkar Singh Dhami ने राहुल गांधी को घेरा, बोले- मोहम्मद बनते ही दीपक को इफ्तार का न्योता

HRA क्लेम में बड़ा बदलाव! मकान मालिक से रिश्ता बताना होगा अनिवार्य, आयकर 2025 के नए नियम जारी

सभी देखें

नवीनतम

UP के डिप्‍टी CM केशव मौर्य की सफल कूटनीति, जर्मनी से ही UK के निवेशकों को जोड़ा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में हुए शामिल

Aadhaar center ढूंढना हुआ आसान, UIDAI ने Google Maps के साथ की बड़ी साझेदारी, जानें कैसे मिलेगी मदद

CM योगी के जर्मनी दौरे पर 200 करोड़ के MOU पर हुए हस्‍ताक्षर, UP में आधुनिक रेल अवसंरचना को मिलेगा बढ़ावा

गुजरात में 25 महीने और 314 शेरों की मौत, राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया

अगला लेख