Hanuman Chalisa

सीएम योगी के विजन से यूपी बना ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’, 1900 KM नेटवर्क के साथ विकास को मिली रफ्तार

वेबदुनिया न्यूज़ टीम
बुधवार, 20 मई 2026 (08:35 IST)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। कभी पिछड़ेपन और विकास की धीमी रफ्तार के लिए पहचाने जाने वाला यूपी आज एक्सप्रेसवे स्टेट के रूप में नई पहचान बना चुका है। गत 9 वर्षों में यूपी में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क 1900 किलोमीटर से अधिक हो गया है। यह आर्थिक बदलाव की नई कहानी को दर्शा रहा है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। गाजीपुर से दिल्ली तक का सफर अब लगभग 10 घंटे में सिमट गया है। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे ने यात्रा समय को लगभग आधा कर दिया है।
 
एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे औद्योगिक पार्क व क्लस्टर
योगी सरकार ने खुद को केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक विकास का मजबूत मॉडल तैयार किया है। सरकार सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे विभिन्न औद्योगिक पार्क और क्लस्टर विकसित कर रही है, जो आने वाले समय में प्रदेश में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
 
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आज डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की रीढ़ बन चुका है। झांसी और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों में रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना से रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना को भी इन एक्सप्रेसवे का बड़ा लाभ मिला है। कन्नौज का इत्र, कानपुर का चर्म उद्योग और पूर्वांचल के हस्तशिल्प अब तेज़ परिवहन व्यवस्था के जरिए राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं।
 
गांव से शहर तक पहुंचा विकास का लाभ
योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह मानी जा रही है कि एक्सप्रेसवे का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। संपर्क मार्गों और ग्रामीण सड़कों के जरिए छोटे कस्बों और गांवों को भी इससे जोड़ा गया है। किसान अब अपने कृषि और दुग्ध उत्पाद कम समय में शहरों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद करीब 36 लाख करोड़ रुपये हो गया है। लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश प्रस्ताव यूपी को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Donald Trump ने Pakistan से किया किनारा, अचानक क्यों बदल दिया Iran पर हमले का प्लान, जानिए क्या है पूरी कहानी

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

Inder Kaur murder case : इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का दबाव, पंजाबी सिंगर इंदर कौर की किडनैपिंग के बाद हत्या, नहर में मिला शव, आरोपी कनाडा फरार

ट्रंप-शी वार्ता ने भारत के लिए क्यों बजाई खतरे की घंटी? बदलती दुनिया में कितना तैयार है भारत

क्या मंदिरों के सोने पर है मोदी सरकार की नजर? वित्त मंत्रालय ने बताया सच

सभी देखें

नवीनतम

'वेलकम टू रोम माय फ्रेंड', जॉजिया मेलोनी ने इस अंदाज में किया पीएम मोदी का स्वागत

Top News : उत्तर भारत में गर्मी का कहर, देश भर में दवा दुकानें बंद; इटली में मेलोनी से मिले पीएम मोदी

अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक, सीएम योगी समेत 4 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल

सीएम योगी के विजन से यूपी बना ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’, 1900 KM नेटवर्क के साथ विकास को मिली रफ्तार

सीएम योगी की सख्ती से टले 2 बाल विवाह, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित हुआ बेटियों का भविष्य

अगला लेख